पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग को लेकर हरियाणा के पंचकूला में विशाल विरोध प्रदर्शन जारी है. इस दौरान हजारों प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए चंडीगढ़ पंचकूला बॉर्डर पर मौजूद हैं जहां उन्हें चंडीगढ़ में घुसने से रोक दिया गया है. दरअसल सीएम आवास का घेराव करने के लिए प्रदर्शनकारी पंचकूला सेक्टर 5 शालीमार ग्राउंड से चंडीगढ़ के लिए निकले थे. प्रदर्शनकारियों की भारी संख्या को देखते हुए पंचकूला चंडीगढ़ बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात की गई है. वहीं चंडीगढ़ पुलिस और पंचकूला पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग की गई है.
हरियाणा भर से विभिन्न विभागों के सरकारी कर्मचारी रविवार को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकले हैं. जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़ पंचकूला बॉर्डर पर पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों को रोक दिया गया और पंचकूला चंडीगढ़ का हाउसिंग बोर्ड पुलिस छावनी में बदल गया.
प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने की कोशिश में पुलिस
सामने आई जानकारी के मुताबिक बॉर्डर पर रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर चंडीगढ़ में घुसने की कोशिश की जिसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने एयर गैस छोड़ते हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने की कोशिश की. प्रदर्शनकारी लगातार चंडीगढ़ में घुसने की कोशिश कर रहे हैं जबकि पुलिस आंसू गैस के गोलों से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने की कोशिश कर रही है. लगातार वाटर कैनन का इस्तेमाल भी किया जा रहा है.
इस बीच विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो सामने आया है जिसमें हजारों प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री के आवास के पास प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है.
पेंशन बहाली संघर्ष समिति के प्रवीण देशवाल ने बताया कि लगभग 70,000 कर्मचारी आज विरोध करने के लिए जमा हुए हैं. राजस्थान में पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी गई है. यह बीजेपी सरकार कर्मचारियों से बात नहीं करती है. हम अपना शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेंगे.
इससे पहले पेंशन बहाली संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव ऋषि नैन ने कहा था कि हरियाणा सरकार पुरानी पेंशन बहली के नाम पर कर्मचारियों को गुमराह कर रही है. उन्होंने कहा कि विपक्ष में बैठे सभी विधायक और सांसद पेंशन की सुविधा ले रहे हैं लेकिन 35 साल नौकरी करने वाले कर्मचारी प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो गए हैं.
