टिहरी : हिंडोलाखाल के दुरोगी गाँव में 5 दिन में एक ही गांव के 3 महिलाओं पर आदमखोर बाघ का हमला, 2 की मौत 1 गंभीर, ग्रामीण आक्रोशित

मनोज रौतेला की रिपोर्ट :

टिहरी : हिंडोलाखाल के दुरोगी गाँव में 5 दिन में एक ही गांव के तीन महिलाओं पर आदमखोर बाघ का हमला दो महिलाओं की मौत एक की हालात गंभीर बतायी जा रही है. वहीँ अब गुलदार के लगातार हमले के बाद ग्रामीण आक्रोशित हैं. दो महिलाओं की अब तक मौत हो चुकी है और एक गंभीर होना उस क्षेत्र की गंभीरता को दर्शाता है वन्य जीव उस क्षेत्र में ऐक्टिव है और वन बिभाग को कुछ न कुछ उपाय करना चाहिए.

कांग्रेस आईटी सेल के विधानसभा अध्यक्ष आशीष पवार ने बताया कि 5 दिनों में हमारे हिंडोलाखाल के दुरोगी गांव की आस-पड़ोस की तीन महिलाओं को आदमखोर बाघ द्वारा अपना निवाला बनाया गया आज तीसरी महिला गुदरा देवी पत्नी मदन लाल उम्र 50 वर्ष थी जिनकी मौत हो चुकी है। जबकि शासन प्रशासन को पहली घटना के बाद ही अवगत कराया गया था लेकिन अभी तक कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई। जबकि दुरोगी गांव और उसके आस पड़ोस के गांव के लोग बहुत भयभीत और डरे हुए हैं ।

हिंडोलाखाल ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख सूरज पाठक, पूर्व ब्लॉक प्रमुख मगन सिंह बिष्ट एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख जयपाल सिंह पवार ने शासन प्रशासन की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अति शीघ्र कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि वन विभाग शीघ्र ज्यादा से ज्यादा टीमों को बाघ को पकड़ने अथवा मारने में लगाए साथ ही अन्य क्षेत्रवासियों को किसी भी तरह का नुकसान ना हो उसके लिए वन विभाग गस्त लगाए।जिला प्रवक्ता उत्तम सिंह असवाल ने बताया कि पहली घटना के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी द्वारा भी जिला अधिकारी को पत्र लिखकर शीघ्र आदमखोर बाघ को पकड़ने अथवा मारने हेतु कहां गया था लेकिन शासन प्रशासन ने अभी तक कोई उचित कार्यवाही नहीं की जिस कारण 5 दिन में 3 महिलाओं को आदमखोर बाघ द्वारा अपना निवाला बनाया गया है। यदि अतिशीघ्र आदमखोर बाघ को पकड़ा अथवा मारा नहीं गया तो कांग्रेस पार्टी पूरे क्षेत्रवासियों के साथ जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी।

ऐसे में उत्तराखण्ड में मानव-वन्य जीव संघर्ष का मामला एक बार फिर से उठ खड़ा हुआ है. आखिर इसका क्या हल निकले और कैसे ? वन बिभाग की मीटिंग, ट्रेनिंग, चिंतन चर्चा चलती है हर वर्ष लेकिन होता कुछ नहीं है. ऐसे में ग्रामीण की जान चली जाती है. वन्य जीव के नाम पर मानव जीवन का नुक्सान होना काफी गंभीर मसला है. ऐसे में राज्य सरकार को कुछ न कुछ नीति बनानी चाहिए. नहीं तो अपनों को लोग खोते रहेंगे.

मौके पर आशीष पंवार, राजेंद्र भण्डारी,पूर्व प्रमुख मगन सिंह बिष्ट, जयपाल पंवार,सूरज पाठक,दिनेश पंवार,सोबन सिंह चौहान,धूम सिंह लिगंवाल,विजय पंवार, सुनील चौहान, मान सिंह,सौरभ रतूडी,पवन पंवार आदि क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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