Friday, July 10, 2026
नेशनल फ्रंटियर, आवाज राष्ट्रहित की
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
No Result
View All Result
नेशनल फ्रंटियर
Home राष्ट्रीय

जी20 की अध्यक्षता के जरिए भारत साध रहा है डिप्लोमैसी और कूटनीति!

Jitendra Kumar by Jitendra Kumar
27/08/23
in राष्ट्रीय, समाचार
जी20 की अध्यक्षता के जरिए भारत साध रहा है डिप्लोमैसी और कूटनीति!
Share on FacebookShare on WhatsappShare on Twitter

नई दिल्ली: भारत अभी जी20 की अध्यक्षता कर रहा है. अगले महीने यानी सितंबर की 9-10 तारीख को इसका शिखर सम्मेलन होगा. दिल्ली इसके लिए पूरी जोरशोर से तैयारियों में जुटी है, इसी क्रम में प्रगति मैदान में नए सम्मेलन-सभागार का भी निर्माण हुआ है, जिसकी तुलना सिडनी के ओपेरा हाउस से की जा रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने आज अपने ‘मन की बात’ रेडियो-कार्यक्रम में भी इस अध्यक्षता की चर्चा की और बी20 शिखऱ सम्मेलन को संबोधित करते हुए भी यह बात कही. 2010 में स्थापित, बी20 जी20 में सबसे प्रमुख सहभागिता समूहों में से एक है, जिसमें कंपनियाँ और व्यावसायिक संगठन भागीदार हैं. तीन दिनों का यह शिखर सम्मेलन 25 अगस्त को शुरू हुआ था और इसमें 55 देशों के 1500 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे थे. इस समूह के पास सिफारिश के लिए जी20 को 54 सिफारिशें भी देनी हैं. भारत सरकार अपनी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभा रही है और जी20 का महत्व बखूबी समझने के साथ पूरी दुनिया को भी समझा रही है.

जी20 और ग्लोबल वार्मिंग

भारत के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की अध्यक्षता आम जनता की अध्यक्षता है और इसमें सार्वजनिक भागीदारी सबसे आगे है. इसको ऐसे समझना चाहिए कि डेढ़ करोड़ लोग पूरे देश में इसके दौरान किए जा रहे कार्यक्रमों से जुड़े हुए हैं. इसका 18वां शिखर सम्मेलन दिल्ली में अगले महीने होने जा रहा है और इसका थीम “वसुधैव कुटुम्बकम्” है. एक दुनिया, एक भविष्य भी इसके मूल मंत्र में है. पिछले साल यानी 2022 के दिसंबर में भारत ने अध्यक्षता बाली से ली थी और तब से भारत अपना कर्तव्य पूरी खूबी से निभा रहा है. साल भर तक पूरे देश में विभिन्न सम्मेलन और बैठकें हुईं. शिखर सम्मेलन में इन सभी का निचोड़ एक घोषणापत्र (डिक्लेरेशन) के तौर पर अपनाया जाएगा. अधिकांश बैठकें पर्यावरण की सुरक्षा और उत्तरदायित्वपूर्ण चुनाव पर केंद्रित रहे हैं, ताकि एक हरित, स्वच्छ और बेहतर भविष्य हम अपनी अगली पीढ़ियों को दे सकें. भारत ने लाइफ यानी “लाइफस्टाइल फॉ एनवायरनमेंट” (LiFE) के थीम पर भी जी20 बैठकों को केंद्रित किया है. जुलाई में ही चेन्नै में दुनिया भर के पर्यावरण व जलवायु मंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें 41 मंत्रियों ने हिस्सा लिया. इन बैठकों में भूमि-अपरदन, जैव-विविधता, ब्लू इकोनॉमी, जलसंसाधन इत्यादि पर बात की गयी. इसके अलावा यूरोपियन संसद के मुताबिक सर्कुलर इकोनॉमी की चर्चा भी हुई. “सर्कुलर इकोनॉमी” वह तरीका है,जिसमें उत्पादन से उपभोग तक जीवनचक्र की विविधता को बचाते हैं और कचरे को न्यूनतम करते हैं. इसके लिए साझा करने से लेकर दोबारा इस्तेमाल और रिसाइक्लिंग पर जोर दिया गया है.

दुनिया एक परिवार…वसुधैव कुटुम्बकम्

प्रधानमंत्री मोदी ने बी20 समिट में भारत के उन प्रयासों की जानकारी दी, जो ग्रीन एनर्जी के लिए हम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अपने ग्रह पृथ्वी की सेहत का ख्याल रखना हमारा कर्तव्य है और इसीलिए भारत ने ग्रीन क्रेडिट सिस्टम शुरू किया है. इस रवैए को दूसरे देशों को भी अपनाने की सलाह उन्होंने दी. पृथ्वी को स्वस्थ रखना है, तो ऐसा एक सहयोग, एक साथ, एक इकोसिस्टम बनाना ही होगा. कोविड की महामारी के दौरान पूरी दुनिया ने देखा है कि भारत किस तरह 150 देशों तक सहायता पहुंचाता रहा. पूरी दुनिया में जो संशय का एक वातावरण था, उसे भारत ने खत्म किया है. दुनिया को अगर एक प्लेटफॉर्म पर आना है तो परस्पर विश्वास और सहयोग के साथ ही आना होगा. देशों को सिर्फ बाजार समझने की मानसिकता छो़ड़नी होगी और विकास में सभी को साझीदार बनना होगा. दुनिया ने देखा है कि चीन पर अधिक निर्भरता से क्या होता है. कोविड के दौरान चीन का रवैया भी दुनिया के देशों ने देखा है. अभी तक चीन पर ही उस वायरस के लिए ऊंगलियां भी उठ रही हैं. भारत ने उसी दौरान अपना चमकता हुआ चेहरा भी दुनिया के सामने रखा है. आनेवाले वर्षों में ग्लोबल सप्लाई चेन में भी भारत की वकत और धमक होगी. जिस तरह से हमारी बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली मजबूत होती जा रही है, हमारा यूपीए सिस्टम हो या डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, दुनिया सभी में भारत की प्रगति देख रही है. टूटी-फूटी दुनिया को एक शांत और विश्वस्त पार्टनर की जरूरत है. भारत में वह सारी क्षमताएं हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत की तटस्थता हो या पाकिस्तान के दुस्साहस पर भारत का संयम, दुनिया जानती है कि भारत पर भरोसा किया जा सकता है.

भारत पूरी जिम्मेदारी से जी20 की अध्यक्षता को साध रहा है. पूरे देश का साथ और उत्साह इन मीटिंग्स के साथ है. प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि बनारस में जी20 क्विज में 800 स्कूलों के सवा लाख बच्चों ने हिस्सा लिया था और यह एक नया विश्व रिकॉर्ड है. ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देश आजकल केवल उपभोक्ता बन गए हैं, निर्माता नहीं. बारत इस स्थिति को बदलना चाहता है. भारत को कोविड के समय विकासशील देशों पर ध्यान देने की जरूरत महसूस हुई थी. भारत ने तब भी हाथ बढ़ाया था, आगे भी बढा़एगा. जी20 की अध्यक्षता इस मामले में औऱ काम आएगी.

About

नेशनल फ्रंटियर

नेशनल फ्रंटियर, राष्ट्रहित की आवाज उठाने वाली प्रमुख वेबसाइट है।

Follow us

  • About us
  • Contact Us
  • Privacy policy
  • Sitemap

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .

  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .