4 मंत्री-22 MLA का टिकट कटना तय, ‘मिशन रिपीट’ में जुटी कांग्रेस रिस्क के मूड में नहीं

जयपुर: राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस में कई दिग्गज नेताओं के टिकट कटने वाले हैं। पार्टी की ओर से पिछले 5 महीनों में 5 अलग-अलग एजेंसियों से सर्वे कराए गए। इन सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद जिन सीटों पर वर्तमान प्रतिनिधियों और पूर्व प्रत्याशियों की हालत खराब है, उन सीटों पर कैंडिडेट बदले जाने का फैसला लिया गया है। इनमें 2 कैबिनेट मंत्री, 2 राज्य मंत्री, 22 विधायक और 7 पूर्व प्रत्याशी शामिल हैं। यानी 4 मंत्रियों और 22 विधायकों के टिकट काटे जाने का फैसला किया गया है। अगर ऐसा होता है तो ये इन सियासी दिग्गजों के लिए बुरी खबर से कम नहीं है।

किसी भी सूरत में हार मंजूर नहीं

‘मिशन रिपीट’ का टारगेट लेकर प्रचार अभियान में जुटी कांग्रेस इस बार कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने साफ कह दिया है कि सिर्फ जिताऊ नेताओं को ही टिकट दिए जाएंगे। अगर किसी वरिष्ठ नेता की रिपोर्ट खराब है तो उनका टिकट काटा जाएगा। उनके स्थान पर नए चेहरे को मौका दिया जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व की ओर से बनाए पर्यवेक्षकों ने प्रदेश की सभी सीटों पर दावेदारी पेश करने वालों के बारे में जानकारी जुटाई है। प्रत्याशियों के साथ स्थानीय नेताओं से भी फीडबैक लिया गया। हार किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है। ऐसे में दिग्गजों के टिकट काटने में पार्टी जरा भी संकोच नहीं करेगी।

इन 33 सीटों पर मिली निगेटिव रिपोर्ट

कांग्रेस पार्टी की ओर से 5 बार सर्वे करवाए गए। इन सर्वे में कुल 33 विधानसभा सीटों से वर्तमान जनप्रतिनिधियों और पूर्व प्रत्याशी रहे नेताओं की रिपोर्ट निगेटिव आई है। ऐसे में इन सीटों पर मौजूदा जनप्रतिनिधियों के टिकट काटे जाने के लिए प्रदेश नेतृत्व ने केंद्रीय नेतृत्व को प्रस्ताव भेजा जिसे केंद्रीय नेतृत्व ने मंजूरी दे दी है।

निगेटिव रिपोर्ट वाली विधानसभा सीटों इस प्रकार हैं- श्रीगंगानगर, हनुमानगढ, पिलानी, करनपुर, उदयपुरवाटी, दातारामगढ़, हवामहल, आदर्श नगर, चाकसू, बगरू, रामगढ, कठूमर, बयाना, हिंडौन, बामनवास, मारवाड़ जंक्शन, बिलाड़ा, शिव, जैसलमेर, गुढामलानी, सिरोही, बेंगू, सहाड़ा, सांगोद, डूंगरपुर, थानागाजी, मंडावा, दौसा, बस्सी, शेरगढ़, दूदू और नदबई। वर्तमान में इन 33 सीटों में 6 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी हैं जबकि एक सीट बीजेपी के पास है।

पिछली बार 100 सीटों पर बदले थे प्रत्याशी

साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 100 सीटों पर चेहरे बदले थे। इनमें वे सीटें शामिल थी जहां 2013 के चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। 100 सीटों में से 90 सीटों पर नए चेहरों को अवसर दिया गया जबकि 10 ऐसे नए चेहरे थे जो राजनैतिक परिवारों से संबंधित थे।

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