Tuesday, April 28, 2026
नेशनल फ्रंटियर, आवाज राष्ट्रहित की
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
No Result
View All Result
नेशनल फ्रंटियर
Home देहरादून

विधानसभा में आमने सामने हुए विनोद चमोली व उमेश कुमार

फ्रंटियर डेस्क by फ्रंटियर डेस्क
05/11/25
in देहरादून
विधानसभा में आमने सामने हुए विनोद चमोली व उमेश कुमार
Share on FacebookShare on WhatsappShare on Twitter

  • पहाड़ के मुद्दो को लेकर सदन में हुई जमकर कहासुनी
  • कहा कि आज उत्तराखंड बाहर के लोगों के लिए धर्मशाला बन चुका

देहरादून। राज्य गठन के 25 साल पूरे होने पर राज्य के 25 सालों के सफर पर चिंतन मनन के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान सभी विधायकों ने उत्तराखंड के 25 साल के सफर पर अपने-अपने तर्क दिए। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ विधायक विनोद चमोली ने पहाड़ के मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी तो सदन में विवाद हो गया।

विधायक विनोद चमोली ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि, आज वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उत्तराखंड के सफर को लेकर अपनी बात कहेंगे। उन्होंने प्रदेश की स्थापित कार्य प्रणाली पर कहा कि जब राज्य गठन के आंदोलन चल रहे थे, तो उसे समय किन लोगों ने उत्तराखंड राज्य गठन का विरोध किया था, हमें भूलना नहीं चाहिए। हालांकि, उसके बावजूद भी जब उत्तराखंड राज्य में पहली बार चुनाव हुए तो जनता ने कांग्रेस को चूना और एनडी तिवारी पहले मुख्यमंत्री बने।

विनोद चमोली ने कहा कि जिस तरह से उत्तराखंड राज्य एक बिल्कुल नया राज्य था। लेकिन यहां पर उत्तर प्रदेश की राजनीति करने वाले व्यक्ति एनडी तिवारी को लाया गया और उन्होंने उत्तर प्रदेश की कार्य संस्कृति को उत्तराखंड में लाया और उत्तराखंड राज्य भी इस ढर्रे पर आगे बढ़ा, जिसका उत्तराखंड राज्य आंदोलन में विरोध किया गया था।

आज कांग्रेस बड़े गर्व के साथ कहती है कि उन्होंने पूरे 5 साल एक मुख्यमंत्री राज्य को दिया, लेकिन यह नहीं बताती है कि दायित्वधारी और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की बंदरबांट की शुरुआत भी वहीं से हुई। जब अपने लोगों को संतुष्ट और खुश करने के लिए मुख्यमंत्री ने लाल बत्तियां ठोक के भाव में बांटी। वहीं मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के बारे में किसी को तब तक नहीं पता था, लेकिन उसके बाद यह राज्य की कार्य प्रणाली में शामिल हो गया तो आज तक हम उस कार्य संस्कृति को झेल रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आज उत्तराखंड बाहर के लोगों के लिए धर्मशाला बन चुका है। कोई भी यहां आता है और यहां के लोगों का हितैषी बन जाता है। उन्होंने कहा कि मूल निवास आज का चर्चा का विषय होना चाहिए। आज स्थायी निवास पर बात की जाती है, लेकिन मूल निवास का कोई अस्तित्व नहीं रह गया है। वास्तव में देखा जाए तो उत्तराखंड का अस्तित्व मूल निवास पर आधारित ही होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वह इस चर्चा में सत्ता और विपक्षी दोनों को शामिल कर रहे हैं और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हमें इस विषय पर सोचना चाहिए। मूल निवास, उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्र और पर्वतीय क्षेत्र के मूल निवासी को समान न्याय और समान अधिकार दिलाता है। साथ ही बाहरी लोगों की जिस तरह से उत्तराखंड में आबादी बढ़ रही है, उनसे भी बचाता है। इस पर विपक्ष के विधायक वीरेंद्र जाति और रवि बहादुर से उनकी बहस चढ़ गई। इसके बाद हरिद्वार के कई विधायक को विनोद चमोली को घेर दिया और साथ में निर्दलीय विधायक उमेश कुमार अभी बीच में कूद पड़े।

विनोद चमोली ने बोले पहाड़ के चौधरी मत बनो

विनोद चमोली ने अपने वक्तव्य के दौरान गैरसैंण को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने वाले वाली सरकार बीजेपी की ही है। हालांकि, हमें इसे स्थायी राजधानी बनाने या फिर इसको फंक्शनल करने के लिए एसीएस लेवल के अधिकारी को बैठाना चाहिए और गैरसैंण के विकास को लेकर गंभीर रूप से रोड मैप तैयार करना चाहिए।

विनोद चमोली जब इस बात को सदन में रख रहे थे तो उस समय खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार सदन में नहीं थे, लेकिन कुछ देर बाद जब वह सदन में पहुंचे तो विनोद चमोली के बीच में बोल उठे कि गैससैंण पर आपको अपना स्टैंड क्लियर करना चाहिए। जिस पर विनोद चमोली भड़क गए और कहा कि ‘आप पहाड़ के चौधरी मत बने’, हमें ना बताएं हमें पहाड़ के लिए क्या करना है और क्या नहीं। उन्होंने कहा कि जब गैरसैंण को भाजपा ने ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाई थी तो उसे समय विनोद ही एक ऐसा व्यक्ति था जिसने कहा था कि इसे स्थायी राजधानी की दिशा में विकसित किया जा सकता है।

बेबाकी से बोले चमोली

इसी पर आगे बोलते हुए भाजपा विधायक विनोद चमोली ने कहा कि आज 25 सालों के विकास पर चर्चा हो रही है तो वह दलगत राजनीति नहीं राजनीति से ऊपर उठकर और पार्टी लाइन से हटकर बोलने में भी गुरेज नहीं करते हैं। उन्होंने कांग्रेस के विधायकों द्वारा बार-बार उन्हें सरकार के खिलाफ प्रोजेक्ट करने के प्रयास पर कांग्रेस के विधायकों को भी आड़े हाथों दिया।

उन्होंने कहा कि राज्यहित में बोलने पर यदि उन्हें कुछ झेलना भी पड़ेगा, तो वह झेलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने राज्य आंदोलन के समय काफी झेला है और उसके बाद से लगातार अब तक झेल ही रहे हैं। विनोद चमोली ने कांग्रेस के विधायकों को नसीहत दी कि जब राज्यहित में बात हो रही हो तो उन्हें इसका समर्थन करना चाहिए, ना कि उसे राजनीति में बांटना चाहिए।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About

नेशनल फ्रंटियर

नेशनल फ्रंटियर, राष्ट्रहित की आवाज उठाने वाली प्रमुख वेबसाइट है।

Follow us

  • About us
  • Contact Us
  • Privacy policy
  • Sitemap

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .

  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .