ऋषिकेश : हम कार्पेट में धूल नहीं रखना चाहते हैं, आपसी विवादों का दोनों देश टेबल पर वार्ता कर हल निकाल सकते हैं: रामप्रसाद सुबेदी

मनोज रौतेला की रिपोर्ट :

ऋषिकेश: भारत में नेपाल के दूतावास में मिशन के उप प्रमुख राम प्रसाद सुबेदी पहुंचे निजी दौरे पर ऋषिकेश परिवार सहित. इस दौरान मीडिया से वाट की. ऋषिकेश स्थित वेद निकेतन में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा भारत और नेपाल के सम्बन्ध सैकड़ों, हजारों वर्ष पुराने हैं और हमारी संस्कृति एक है. भारत और नेपाल बड़े और छोटे भाई की तरह हैं. हमारे संबंधों पर किसी को शक नहीं करना चाहिए.

स्वामी बिजयानंद सरस्वती,स्वामी सहजानंद, स्वामी प्रणवानंद

उन्होंने कहा भारत और नेपाल के संबंध बड़े और छोटे भाई के समान है। जिसकी संस्कृति भी एक जैसी है। लेकिन आपसी सौहार्द को बनाए रखने के लिए हमें और भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह बात सुबेदी ने वेद निकेतन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कहीं उनका कहना था कि हमारे संबंध इस प्रकार हैं जिस प्रकार नदी का पानी एक समान बहता है जिसमें लहरें आती और जाती रहती हैं ।परंतु नदी अपना प्रवाह कभी नहीं बदलती । लहरें एक तरह  से देखा जाये तो पानी को साफ़ करती है. उन्होंने कहा कि इन संबंधों में स्थिरता होने की आवश्यकता है ।हमारे सम्बध अनादि काल से हैं ।जो कि निरंतर बने रहेंगे। उनका कहना था कि राजनीतिक दृष्टि से ही हमारे संबंध काफी सुधरे हैं क्योंकि सालों से नेपाल भारत के साथ जुड़ा है। क्योंकि भारत व नैपाल की ज्ञान संस्कृति भी एक समान है ।उन्होंने कहा कि चीन नेपाल व भारत के संबंध में जो भी कह रहा है ।उस पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। उनका कहना था की हाल ही में चीन द्वारा जो नेपाल को लेकर भ्रम की स्थिति फैलाई जा रही है। वह अफवाह मात्र है ।उन्होंने कहा जो भी जटिल मुद्दे सामने आये हैं दोनों देशों के बीच उनको टेबल वार्ता कर सुलझाया जा सकता है. वार्ता होनी बहुत जरुरी है. उन्होंने कहा हम कार्पेट में धूल नहीं रखना चाहते हैं. उन्होंने ऋषिकेश आ कर कहा हिन्दू धर्म में पैदा होने के बाद यहाँ या फिर चार धाम यात्रा नहीं किया तो समझो कुछ नहीं माना जाता है. मेरा मन खुश हैं इस जगह आ कर. मां गंगा के दर्शन कर ख़ुशी हुई आत्मसंतुष्टि मिली. हालाँकि आपकी संबंधों पर क्या किया जाना चाहिए इस सम्बन्ध पर कुछ साफ़ नहीं कहा लेकिन दोनों देशों के संबंधों को आगे ले जाने को लेकर कहा इस पर काम किया जाना चाइये और हमारे सम्बन्ध और मजबूत होने चाहिए.

जिसे लेकर भारत व नेपाल के बीच उच्च स्तर पर बातचीत भी चल रही है। जॉइंट मैकेनिज्म के तहत भी बहुत कुछ डेवलोपमेन्ट हुए हैं. इस अवसर पर वेद निकेतन के संचालक अध्यक्ष स्वामी विजयानंद ने कहा कि भारत नेपाल संस्कृति के लिहाज से एक है ।जिसका उदाहरण केदारनाथ में बैल का कंधा केदारनाथ में तथा पशुपति में मुंह होना भी है। उन्होंने कहा कि हमारे व नेपाल के बीच रोटी बेटी के संबंध भी आज तक बने हैं जिसे नेपाल और भारत समझता है ।इसीलिए भारत में युद्ध के क्षेत्र में अपने दुश्मन से मुकाबला करने के लिए गोरखा बटालियन का भी गठन किया गया है। पत्रकार वार्ता में स्वामी बिजयानंद सरस्वती, स्वामी प्रणवानंद, स्वामी सहजानंद आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.

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