हम हैं तो कृषि मंत्री लेकिन…’ शिवराज सिंह चौहान ने ऐसा क्या कहा कि मंच पर लगे ठहाके

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में कृषि मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे शिवराज सिंह चौहान हंसमुख स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। कृषि मंत्री होने के बावजूद कभी वे गलती से खुद को सीएम बताकर, सभी को हंसा देते हैं, तो कभी मजाक में ही विपक्षी दलों पर करारा हमला भी कर देते हैं। अब शिवराज एक नए बयान के चलते चर्चा में आए हैं। उन्होंने बताया है कि कैसे कृषि मंत्री होने के बावजूद उनका काम कैसे ठप हो जाता है।

शिवराज सिंह चौहान के भाषण के दौरान, उनका अंदाज इतना मजेदार रहा कि मंच पर मौजूद हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी समेत पार्टी के पदाधिकारी और सरकारी अधिकारी भी ठहाके लगाने लगे। शिवराज का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

शिवराज बोले- मैं कृषि मंत्री हूं लेकिन…

दरअसल, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे कह रहे हैं कि मैं कृषि मंत्री हूं लेकिन जब चुनाव आया तो मैं तीन महीने तक चुनाव प्रचार में व्यस्त रहाष इससे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, अधिकारियों और कर्मचारियों का समय बर्बाद होता है और सभी विकास कार्य रुक जाते हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चुनाव होने के चलते फिर नई घोषणाएं करनी होंगी। जनकल्याण के काम पीछे छूट जाते हैं, इतना ही नहीं भारी भरकम खर्च होता है, चुनाव आयोग भी खर्च करता है, वह पैसा जनता का होता है और फिर राजनीतिक पार्टियां भी खर्च करती हैं। इतना समय बर्बाद हो जाता है।

चुनाव के चलते ठप रहता है कामकाज

शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि अब दूसरे राज्यों में चुनाव होंगे तो हरियाणा के अधिकारी पर्यवेक्षक बनकर जाएंगे। यहां आपका काम 2-3 महीने तक ठप रहेगा। अगर वे वहां जाकर चुनाव कराएंगे तो समय बर्बादी होगा। पैसे की बर्बादी है, यह हमारे विकास में बाधा डालता है।

एक देश एक चुनाव के गिनाए फायदे

केंद्रीय मंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ये चुनाव तो होते ही रहेंगे और इसलिए संविधान में संशोधन करके सभी विधानसभा और लोकसभा के चुनाव 5 साल में एक बार एक साथ होने चाहिए, इसके लिए हमें जनजागरण करना चाहिए।

शिवराज सिंह चौहान ने वन नेशन वन इलेक्शन की वकालत की और कहा कि अगर एक देश एक चुनाव का प्रावधान लागू हो जाएगा तो फिर सारा काम सुचारू रूप से चलेगा, जो कि विकास कार्यों के लिए बेहद अहम है।

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