नागालैंड, त्रिपुरा और मेघालय में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. कांग्रेस-बीजेपी समेत तमाम क्षेत्रीय दल इन चुनावों के बीच 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों में भी जुटे हुए हैं. इन सबके बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बयान ऐसा बयान दिया, जिससे कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल खड़े होने लगे हैं. मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि अगले साल होने वाले आम चुनाव में उनकी पार्टी बीजेपी को हराने के लिए समान विचारधारा वाले अन्य दलों के साथ गठबंधन करेगी.
खरगे के इस बयान के बाद सवाल खड़े होने लगे हैं कि क्या कांग्रेस में अकेले बीजेपी का सामना करने की हिम्मत नहीं है? क्या कांग्रेस को राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का लोकसभा चुनाव में कोई रिजल्ट मिलता नहीं दिख रहा? राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान बयान दिया था कि अब एक नए राहुल ने जन्म लिया है, पहले वाले राहुल गांधी को मैंने मार दिया है. पहले वाले राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस बुरी तरह चुनाव हारी तो क्या नए राहुल गांधी से भी कांग्रेस को उम्मीद नहीं है?
जनता 2024 में बीजेपी को सबक सिखाएगी- खरगे
इससे पहलेखरगे ने नागालैंड केदीमापुर में चुनावी रैली के दौरान मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा, ”आप लोकतंत्र में हैं, आपको यह याद रखना चाहिए कि आप निरंकुश नहीं हैं, आप तानाशाह नहीं हैं. आप लोगों द्वारा चुने गए हैं और जनता आपको 2024 में सबक सिखाएगी.”
इटली के अखबार कोरियरे देला सेरा को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा अगर विपक्ष एक साथ आता है तो 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराना संभव है. उन्होंने कहा, ”यह निश्चित है कि उन्हें (पीएम मोदी) हराया जा सकता है. बशर्ते आप विरोध करें. ये विरोध दाएं या बाएं से नहीं, बल्कि शांति और मिलन से जुड़ा होना चाहिए.”
खरगे के बयान पर बिफरी टीएमसी
गठबंधन का नेतृत्व करने के खरगे के बयान पर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. टीएमसी ने कहा, ”2024 के लिए कांग्रेस को लगता है कि वे हेड मास्टर होंगे, लेकिन टीएमसी यह स्वीकार नहीं करेगी. टीएमसी सभी क्षेत्रों में बीजेपी को हराना चाहती है, लेकिन कांग्रेस को स्वीकार करना होगा कि संबंधित राज्य में बीजेपी को कौन हरा सकता है. पार्टी को पहले अपना मोर्चा संभालना चाहिए.”
दरअसल कांग्रेस समान विचारधारा वाली पार्टियों को साथ लेने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस के नेता बार बार यह बात बोलते रहे हैं कि उसके बिना कोई भी गठबंधन 2024 में विफल हो जाएगा और विपक्ष में कोई भी गठबंधन कांग्रेस के बिना सफल नहीं हो सकता.
