Wednesday, July 8, 2026
नेशनल फ्रंटियर, आवाज राष्ट्रहित की
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
No Result
View All Result
नेशनल फ्रंटियर
Home राष्ट्रीय

वाइट और ब्लैक पेपर क्या है जिसपर आमने-सामने हैं कांग्रेस और बीजेपी!

Jitendra Kumar by Jitendra Kumar
09/02/24
in राष्ट्रीय
वाइट और ब्लैक पेपर क्या है जिसपर आमने-सामने हैं कांग्रेस और बीजेपी!
Share on FacebookShare on WhatsappShare on Twitter

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था पर गुरुवार को लोकसभा में वाइट पेपर पेश किया। इसके जवाब में कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार की नाकामियों पर ब्लैक पेपर पेश किया। आइए जानते हैं कि वाइट पेपर और ब्लैक पेपर क्या होते हैं।

वाइट पेपर क्या होता है?

वाइट पेपर किसी खास विषय या मुद्दे पर पूरी जानकारी देने या उसका विश्लेषण करने के लिए पेश किया जाता है। इसका मकसद फैसले लेने की प्रक्रिया को बताना, समाधान बताना या कार्रवाई के लिए सिफारिश करना है। यह नीति को आकार देने के लिए सरकारों, संगठनों या विशेषज्ञों की ओर से तैयार किया जाता है। यह सरकार की नीतियों, पहलों और अर्थव्यवस्था पर उनके प्रभाव के बारे में जनता को बताने का माध्यम है।

ब्लैक पेपर क्या होता है?

ब्लैक पेपर किसी खास विषय, मुद्दे या नीति पर आलोचनात्मक या असहमतिपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। यह आलोचनात्मक विश्लेषण, विवादास्पद विषयों को बताने, सबूत और विकल्प देने के साथ नीतियों को चुनौती देता है। इसमें कथित कमियों या अन्याय को दूर करने के लिए नीति परिवर्तन, सुधार या वैकल्पिक दृष्टिकोण की वकालत की जाती है।

सबसे पहले वाइट पेपर कब पेश किया गया था?

किसी सरकार की ओर से वाइट पेपर सबसे पहले 1922 में पेश किया गया था। तत्कालीन ब्रिटिश प्रधान मंत्री विंस्टन चर्चिल ने जाफा क्षेत्र में हुए दंगों के बाद फलीस्तीन पर अपनी सरकार की नीति का विवरण देने के लिए एक वाइट पेपर पेश किया था।

सरकार कितनी बार वाइट पेपर पेश करती है?

लोकसभा में वाइट पेपर पेश करने पर कोई विशेष दिशानिर्देश नहीं है। किस विषय पर वाइट पेपर जारी करेगी या कितनी बार करेगी इस पर भी दिशानिर्देश नहीं हैं। सरकार अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी समय, किसी भी विषय पर वाइट पेपर जारी कर सकती है।

क्या मोदी सरकार ने वाइट पेपर जारी किया है?

पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार ने अगस्त 2014 में रेलवे पर दो वाइट पेपर पेश किए हैं। ये रेवेन्यू बढ़ाने के मॉडल, माल ढुलाई, किराया और क्षमता बढ़ाने पर था।

About

नेशनल फ्रंटियर

नेशनल फ्रंटियर, राष्ट्रहित की आवाज उठाने वाली प्रमुख वेबसाइट है।

Follow us

  • About us
  • Contact Us
  • Privacy policy
  • Sitemap

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .

  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .