बांग्लादेश में ‘अत्यंत खतरनाक’ चक्रवात दस्तक दे रहा है। ‘चक्रवात मोका’ 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ उत्तर-उत्तरी-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इससे रोहिंग्या शरणार्थी शिविर को खतरा उत्पन्न होने की आशंका है। इसके बाद शनिवार को दक्षिण-पूर्वी समुद्र तट से लगभग पांच लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का एक बड़ा अभियान शुरू किया। यह दो दशकों में बांग्लादेश में देखे गए सबसे शक्तिशाली चक्रवातों में से एक माना जा रहा है। जानें चक्रवात मोका से जुड़े पल-पल के लाइव अपडेट
चक्रवात सिद्र के बाद सबसे शक्तिशाली
बांग्लादेश-म्यांमा सीमा के पास दस्तक देने का पूर्वानुमान जताया गया है। मुख्य मौसम विज्ञानी अजीजुर रहमान ने कहा, यह चक्रवात 2007 के चक्रवात ‘सिद्र’ के बाद से सबसे शक्तिशाली तूफान है। प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा, चक्रवात ‘मोका’ आ रहा है। हमने चक्रवात केंद्रों को तैयार रखा है
बिजली और गैस की आपूर्ति पर असर
प्रधानमंत्री शेख हसीना ने के अनुसार मोका चक्रवात से निपटने के लिए सभी प्रकार की तैयारियां की गई हैं। प्रधानमंत्री हसीना ने चेतावनी दी कि चक्रवात बिजली और गैस की आपूर्ति को बाधित कर सकता है और विशेष रूप से तटीय क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति रुक
लाखों लोगों को करेगा प्रभावित
मौसम विज्ञानियों ने कहा कि तूफान बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी सीमावर्ती कॉक्स बाजार जिले को प्रभावित कर सकता है। यहां दस लाख से अधिक रोहिंग्या शरणार्थी रहते हैं। डब्ल्यूएमओ के प्रवक्ता क्लेयर नुलिस ने जिनेवा में कहा, ‘यह एक बहुत ही खतरनाक चक्रवात है और यह तेज हवाओं से जुड़ा है। चक्रवात के दस्तक देने और उसके बाद लाखों लोगों पर काफी प्रभाव पड़ेगा।
आठ से 12 फुट तक ऊंची लहरें
चक्रवात से आठ से 12 फुट तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। उत्तरी म्यांमार के निचले इलाकों में बाढ़, भूस्खलन की आशंका। चटगांव बंदरगाह को अलर्ट पर रखा गया है। नेशनल यूनिवर्सिटी में रविवार को होने वाली परीक्षा स्थगित कर दी गई है।
6 जिलों में समुद्री लहरों का सामना
चक्रवात से निपटने के लिए बांग्लादेश में तैयारियां जोरशोर से की जा रहीहैं। इसके लिए बांग्लादेशी अधिकारियों ने 55 आश्रय केंद्र स्थापित किए हैं। साथ ही 30,000 रोहिंग्या शरणार्थियों को स्थानांतरित किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार छह जिलों को समुद्री लहरों का सामना करना पड़ सकता है।
