नई दिल्ली: भारत के 15वें राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए सोमवार को मतदान हुआ। इस चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का मुकाबला विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा से है। मतदान 10 बजे आरंभ हुआ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले मतदान किया। मतदान की प्रक्रिया पांच बजे समाप्त हुई। राष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल के सदस्यों द्वारा किया जाता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य और केंद्र शासित प्रदेश सहित सभी राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य होते हैं। कुल 4800 निर्वाचित सांसद और विधायक मतदान करने के पात्र हैं।
लोकतंत्र रहेगा या नहीं- यशवंत सिन्हा
राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने सोमवार को कहा कि यह चुनाव देश की दिशा इस मायने में तय करेगा कि लोकतंत्र रहेगा या नहीं। उन्होंने सांसदों और विधायकों का आह्वान भी किया कि वे अंतरात्मा की आवाज सुनें और उनका समर्थन करें। वहीं, राजग की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू की जीत की कामना करते हुए रविवार को ओडिशा में विभिन्न पूजा स्थलों पर भाजपा कार्यकर्ताओं तथा आदिवासी समुदायों के लोगों ने मिट्टी के दीये जलाए और यज्ञ का आयोजन किया। मतों की गिनती संसद भवन में होती है। मतगणना 21 जुलाई को होगी। जम्मू कश्मीर में विधानसभा नहीं होने की वजह से इस बार सांसदों के मतों का मूल्य 708 से घटकर 700 हो गया है।
राज्यों में विधायकों के मतों के मूल्य अलग-अलग हैं। उत्तर प्रदेश के प्रत्येक विधायक का राष्ट्रपति चुनाव में मत मूल्य अन्य किसी राज्य के विधायक से अधिक है। उत्तर प्रदेश के विधायकों के मत का मूल्य 208 है, जबकि झारखंड और तमिलनाडु के विधायकों का मूल्य 176 है। महाराष्ट्र में यह 175, सिक्किम में सात, नगालैंड में नौ और मिजोरम में आठ है। मुर्मू अगर यह चुनाव जीतकर राष्ट्रपति बन जाती हैं, तो स्वतंत्रता के बाद जन्मी इस शीर्ष पद पर पहुंचने वाली पहली नेता होंगी। वह देश की पहली आदिवासी और सबसे युवा राष्ट्रपति भी होंगी।
