दिल्ली में धरना-प्रदर्शन करने वाले नेताओं को किंग्सवे कैंप क्यों ले जाती है पुलिस, जान लें वजह

नई दिल्ली : कांग्रेस ने महंगाई, बेरोजगारी और कई खाद्य वस्तुओं को जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के दायरे में लाए जाने के खिलाफ शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इसके बाद पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। दिल्ली पुलिस इन नेताओं को किंग्सवे कैंप स्थित नई पुलिस लाइन लेकर गई। दिल्ली में आए दिन विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की तरफ से देशव्यापी, राज्यव्यापी धरना प्रदर्शन किए जाते हैं। ऐसे में कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस इन नेताओं को हिरासत में लेती है। इन नेताओं को हिरासत में लेने के बाद नई पुलिस लाइन किंग्सवे कैंप ले जाया जाता है। जानते हैं आखिर क्यों इन नेताओं को किंग्सवेकैंप ही ले जाया जाता है।
​उत्सव सदन में रखते हैं नेताओं

हिरासत में लिए गए नेताओं को पुलिस यहां उत्सव सदन लेकर आती है। उत्सव सदन में पर्याप्त जगह है। इस साल मई में दिल्ली पुलिस के कमिश्नर राकेश अस्थाना ने यहां बैंक्वेट हॉल का भी उद्घाटन किया था। यहां सदन का बैंक्वेट हॉल मुख्य रूप से पुलिसकर्मियों के शादी-पार्टियों, गेटटुगेदर और अन्य कार्यक्रमों के लिए बनाया गया था। उत्सव सदन के बैंक्वेट हॉल को बनाने में करीब 7 करोड़ रुपये का खर्च आया है। उत्सव सदन में पार्किंग की विशेष व्यवस्था है। यहां नवनिर्मित बैंक्वेट हॉल में 500-700 लोगों की क्षमता है।

​पुलिस लाइन में मजबूत सुरक्षा

पुलिस लाइन होने की वजह से यहां वीवीआईपी लोगों के लिए सुरक्षा की चुनौती तुलनात्मक रूप से कम होती है। जरूरत पड़ने पर यहां पहले से ही पुलिस जवान मौजूद होते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था अन्य थानों की तुलना में आसान हो जाता है। पुलिस लाइन में दिल्ली पुलिस के बड़े कार्यक्रमों का आयोजन होता है। हाल ही में रिटायर्ड हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना का विदाई समारोह भी इसी पुलिस लाइन में ही हुआ था।

​धरना स्थल से दूर है पुलिस लाइन

दिल्ली में आम तौर पर धरना प्रदर्शन का मुख्य केंद्र जंतर-मंतर या फिर संसद भवन के आसपास का एरिया होता है। किंग्सवे कैंप की संसद भवन से दूरी लगभग 12 किलोमीटर है। ऐसे में यहां नेताओं को लाने के बाद यदि फिर से उन्हें छोड़ा जाए तो भी धरना स्थल पर पहुंचने में अधिक समय लगेगा। हालांकि, पुलिस नेताओं को एक निर्धारित अवधि के बाद ही हिरासत से रिहा करती है।

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