नई दिल्ली. दक्षिण और पूर्वी एशिया के देशों समेत भारत में इस बार तेज गर्मी पड़ रही है. जानकारों का मानना है कि अगर तापमान ऐसा ही रहा तो लोगों को सूखे का सामना भी करना पड़ सकता है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस तेज गर्मी के पीछे आखिर वजह क्या है? विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) का कहना है कि अल-नीनो की वजह से इस बार तेज गर्मी पड़ रही है. इसका असर बारिश पर भी पड़ सकता है. वहीं मॉनसून का सेकेंड फेज ज्यादा पहले के मुकाबले ज्यादा प्रभावित हो सकता है.
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) का कहना है कि मई 2023 में अल-नीनो का असर दिखने लगेगा. इसका असर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पर भी हो सकता है. बता दें कि यहीं मॉनसून देश कृषि को कवर करती है. देश की तकरीबन 70 फीसदी सिंचाई इसी मॉनसून से चलती है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पर किसान भी काफी निर्भर रहते हैं. हालांकि आशंका यह भी जताई गई है कि इसके असर में कुछ बदलाव भी हो सकता है.
भयानक गर्मी के दौर का करना पड़ेगा सामना
यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज की एक स्टडी के मुताबिक इस साल भारत को भयंकर गर्मी का सामना करना पड़ सकता है. इसका असर राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों पर हो सकता है. हीटवेव की वजह से यह पूरा इलाका डेंजर जोन में है. यह स्टडी PLOS Climate में प्रकाशित हुई है. इसके मुताबिक गर्मी और हीटवेव का असर देश के सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर पड़ेगा.
मौसम विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक सामान्य से 20 फीसदी कम बारिश वाले इलाकों में मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश शामिल है. हालांकि सितंबर में बारिश की स्थिति ठीक हो गई थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत समेत पूरी दुनिया को मिलकर बढ़ती गर्मी को रोकने के लिए कोशिश करनी चाहिए. सरकार को नीतियों को बदले और उन्हें अपनाने की जरूरत है.
कैसा रहेगा मौसम
आईएमडी के मुताबिक राजस्थान, ओडिशा, मध्य, पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 34-40 डिग्री सेल्सियस के बीच है. अधिकतम तापमान उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से 2-5 डिग्री सेल्सियस नीचे और देश के बाकी हिस्सों में सामान्य के करीब है. अगले 7 दिनों के दौरान भारत के अधिकांश हिस्सों में लू की स्थिति नहीं है. ओडिशा में कई जगहों पर 25 से 27 अप्रैल के बीच ओले गिरने की संभावना है. विदर्भ, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भी अलग-अलग स्थानों पर 25-26 और पूर्वी मध्य प्रदेश में 26 अप्रैल को ओले गिरने की संभावना है. 25 से 27 अप्रैल के दौरान मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ जगहों पर ओले गिर सकते हैं.
