सोमनाथ मंदिर में होते थे गलत काम, गजनवी ने तोड़कर नहीं किया गलत : मुस्लिम धर्मगुरु

अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष और मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना मोहम्मद साजिद रशीदी ने इतिहास को सवाल उठाते हुए विवादित बयान दिया है. इस दौरान उन्होंने गुजरात के सोमनाथ मंदिर को लूटने वाले महमूद गजनवी को लेकर कहा कि मंदिर तोड़कर उसने गलत नहीं किया है. इसके साथ ही साजिद रशीदी ने कहा कि मुगल का धर्म से कोई लेना देना नहीं है. उन्होंने कहा कि गजनवी ने सोमनाथ मंदिर में हो रहे गलत कामों को रोका है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इसके साथ ही साजिद रशीदी ने कहा कि यह सच है कि मुगल काल का दौर था. उस दौरान मुगल जितने भी बादशाह हुए हैं, उनका एक दौर था, जमाना था. जहां इन 800 सालों में जितने भी मुगल बादशाह हुए हैं या दूसरे और बादशाह रहे हों. यदि आप उनका इतिहास पड़ेंगे तो उनका धर्म से कोई लेना-देना नहीं था.

जो गलत हो रहा था, उसे गजनवी ने रोकने का काम किया

वहीं, मौलाना साजिद रशीदी ने आगे कहा कि उन्होंने धर्म के नाम पर किसी भी तरह का काम नहीं किया है. इस तरह के बहुत सारे उदाहरण सामने आए हैं. हालांकि, लोग जैसा महमूद गजनवी के बारे में कहते हैं कि उसने सोमनाथ मंदिर तोड़ा है. जबकि, इतिहास ये है कि वहां के लोगों ने गजनवी को बताया कि वहां आस्था के नाम पर क्या हो रहा है. देवी-देवता के नाम पर क्या हो रहा है. कैसे वहां पर लड़कियों को गायब कर दिया जाता है.

मौलाना ने बताया कि इसके बाद गजनवी ने वहां पर बकायदा मुआयना किया, जब पता चला कि वहां पर ऐसा है, तब जाकर उसने सोमनाथ मंदिर पर चढ़ाई की. इसके बाद सोमनाथ मंदिर को उसने तोड़ने का काम नहीं किया, बल्कि वहां जो गलत हो रहा था, उसको रोकने का काम किया.

रशीदी ने दिया था राम मंदिर पर विवादित बयान
बता दें कि, इससे पहले भी मौलाना साजिश रशीदी अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं. जहां इससे पहले उन्होंने कहा था कि इस देश की एक इतिहास लिखी जाएगी. उस हिस्ट्री की बुनियाद पर हमारी आने वाली नस्लें राम मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाएंगी. साजिद ने कहा था कि आज मुसलमान खामोश है, लेकिन आने वाले समय में एक इतिहास ये लिखी जाएगी कि 1992 में बाबरी मस्जिद को तोड़ा गया.

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