सेविका पति नहीं निकाल सकेंगे पैसा

आंगनबाड़ी सेविकाओं के पतियों की मनमानी अब नहीं चलेगी। विभाग की टेढ़ी नजर अब इन पर पड़ गई है। अब पोषाहार की राशि चेक के माध्यम से उठाव करने के मामले को विभाग ने गंभीरता से लिया है। यही नहीं विभागीय अधिकारियों ने इसे वित्तीय अनियमितता मानते हुए ऐसे सेविकाओं को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने का सख्त निर्देश भी दिया गया है। सूत्रों की माने तो, सेविका के पति द्वारा पोषाहार राशि चेक के माध्यम से उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक सत्तर शाखा मे नकद भुगतान लिये जाने एवं अनावश्यक दबाव बनाने की शिकायत बैंक अधिकारी द्वारा वरीय अधिकारियों को की गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने 28 अप्रैल को पत्र जारी कर सभी सीडीपीओ को ऐसे सेविका के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जारी पत्र मे जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने कहा है कि सत्तरकटैया परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र संचालन हेतु आंगनबाड़ी विकास समिति के खाते में पोषाहार एवं टीएचआर की राशि भेजी जाती है। जिसे प्राप्त करने का अधिकार आंगनवाड़ी विकास समिति के अध्यक्ष अथवा सचिव को है। उन्होंने सचेत करते हुए कहा है कि किसी भी हाल में नकद राशि का भुगतान आंगनबाड़ी विकास समिति के अध्यक्ष अथवा सचिव के अलावे तीसरे व्यक्ति को नहीं किया जा सकता है।

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