चौरी चौरा एक आंदोलन–एक समीक्षा

-चौरी चौरा एक आंदोलन-एक समीक्षा- ‘‘चौरी चौरा विद्रोह और स्वाधीनता आंदोलन’’ पेंगुइन बुक्स इंन्डिया के प्रकाशन से छप कर आई है। लेखक सुभाष चन्द्र कुशवाहा। पहले ही कवर पेज पर…

करोना काल मे हँसी….(कविता)

—करोना काल मे हँसी— इस काल की हँसी नकाब मे छुप गयी इँसान नही ,अब ऐलियन से  लगते है। फिल्मो मे देखा था। वैसे ही हम सब लगते है। नकाब…

मेरे हाॅस्टल की लड़कियां–(कविता)

–मेरे हाॅस्टल की लड़कियां– अभी-अभी घर की बेड़ियां तोड़ अकेली अंजान शहर में आई हैं……. आजादी का स्वाद…. पढ़ाई के बहाने तलाशने….. कुछ हैं जो दबी-दबी सी सहमी-सहमी सी हैं…

हिंदी पत्रकारिता की कहानी भारतीय राष्ट्रीयता की कहानी है

-हिंदी पत्रकारिता की कहानी भारतीय राष्ट्रीयता की कहानी है- आज के इस लेख का आरंभ मैंने आज से ठीक एक साल पहले लिखे गए अपने लेख के प्रथम वाक्य से…

संशय भरा दौर–(कविता)

संशय भरा दौर ———————– संशय भरे इस दौर में न कोई आदर्श टिक रहा न वाद रूह कंपाने वाली घटनाओं त्रासदियों और आपदाओं के बीच बेहिचक लिए जा रहे हैं…

प्रेम करना जहां गुनाह है और बच्चे पैदा करना जुर्म-(कविता)

प्रेम ——- प्रेम करना जहां गुनाह है और बच्चे पैदा करना जुर्म कितनी गर्म होगी वहां की हवा! खिलने की कल्पना से ही सिहर उठते होंगे फूल कांपती होंगी कलियां;…

सुनो पत्रकार—–(पत्रकारिता दिवस पर विशेष)

(पत्रकारिता दिवस पर विशेष) सुनो पत्रकार ————– वो समय कोई और था जब तेरी बातों का कोई लेता था असर पब्लिक ही क्यों पुलिस ब्यूरोक्रेट्स लीडर्स और सरकार की भी…