ज़मीन मांगेंगे आसमान मांगेंगे हम अपने हक़ का हिसाब मांगेंगे ~कविता~

#stand_with_farmers ज़मीन मांगेंगे आसमान मांगेंगे हम अपने हक़ का हिसाब मांगेंगे मांगने पर आए तो तुम दे ना सकोगे  गुमां ये है कि हम क्या खाक़ मांगेंगे  लड़ने चले हम…

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजनाअंतर्गत फील्ड सर्वे एन्यूमैरेटर प्रशिक्षण हुआ संपन्न

सीधी . सीएससी सेंटर ग्राम बारी तहसील गोपद बनास सीधी के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत फील्ड सर्वे एन्यूमैरेटर को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस संबंध…

सारे पूर्वानुमानों को नकारते हुए कहीं तेज़ी से आगे बढ़ रही है भारतीय अर्थव्यवस्था   

ग्वालियर : देश में कोरोना महामारी के चलते दिनांक 27 नवम्बर 2020 को वर्ष 2020-21 की द्वितीय तिमाही में, सकल घरेलू उत्पाद में, वृद्धि सम्बंधी आंकड़े जारी कर दिए गए…

कोई हद्दे निगाह है अब तक एक प्यारा गुनाह है अब तक ~गजल~

कोई हद्दे निगाह है अब तक एक प्यारा गुनाह है अब तक। जिसको चूमा था उसने हौले से वो हथेली सियाह है अब तक। कतरे कतरे में इश्क ज़िंदा है…

कितना भी बांट लो ये मोहब्बत न जाएगी ~गजल~

कितना भी बांट लो ये मोहब्बत न जाएगी हाथों में लिए हाथ ये संगत न जाएगी। साहिर के लफ्ज़ हों कि खय्याम की धुन हो जो बस गयी है रूह…

प्रशिक्षण वर्ग से कार्यकर्ताओं के व्यक्तित्व में आएगा निखार — इंद्र शरण 

सीधी। भारतीय जनता पार्टी के सीधी जिले के मंडल शिक्षण वर्ग की तैयारी बैठक जिलाध्यक्ष इंद्र शरण सिंह चौहान की अध्यक्षता एवं वरिष्ठ भाजपा नेता रमापति जायसवाल सिंगरौली के मुख्य…

“25 नवम्बर ” गढ़वाल में जी हाँ आज “ईगास बग्वाल” है

“25 नवम्बर “ -गढ़वाल में जी हाँ आज “ईगास बग्वाल”  है- हम पहाडी/गढ़वालियों  का महत्वपूर्ण त्यौहार, कुछ यादें फिर पहाड़ की ताजा हो जाती हैं,,और जब बात त्योहारों की हो…

प्रेमचंद की कहानी ‘सवा सेर गेहूं का मंचन, रो उठे दर्शक

-प्रेमचंद की कहानी ‘सवा सेर गेहूं का मंचन, रो उठे दर्शक- जहां कोरोना के चलते नाट्य प्रस्तुतियां स्वप्न हो गई थी वही इस नाटक की प्रस्तुति से नाटक जगत में…

मौन : मौन मुखर प्रश्न मेरे उत्तर विमुख हुए जाते हैं स्याह सी रात के साए आ उन्हें सुलाते हैं

-मौन- मौन मुखर प्रश्न मेरे उत्तर विमुख हुए जाते हैं स्याह सी रात के साए आ उन्हें सुलाते हैं नदिया चुप सी बहती है चांदनी मौन में निखरती है अंतर्मन…

“बेटी” कोख कहती मेरी मैंने तो संतान जने हैं बेटा बेटी कहकर तुमने ये कैसे ताने बुने हैं

बेटी कोख कहती मेरी मैंने तो संतान जने हैं बेटा बेटी कहकर तुमने ये कैसे ताने बुने हैं सींचा है रक्त से दोनों को ही मैंने नौ मास रात दिन…