1 अप्रैल से पहले इन 8 बैंकों के ग्राहक निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

नई दिल्ली। 1 अप्रैल 2021 से कई चीजों में बदलाव देखे जा रहे है। इन्हीं के बीच अब उन खाताधारकों को एलर्ट किया जा रहा है जिनका खाता उन 8 सरकारी बैंकों में है जिनका विलय दूसरे सरकारी बैंकों में हो गया है। क्योंकि 1 अप्रैल 2021 से इन आठ बैंकों के ग्राहकों के सभी पुरानी चेक बुक, पासबुक और IFSC कोड अवैध हो जाएंगे। इसके बाद वे लोग ना तो पैसा जमा कर सकते है ना ही निकाल सकेंगे। 1 अप्रैल के बाद इनकी चेकबुक एक रद्दी कागज के समान हो जाएगी।

बैंक जाकर नए चेकबुक के लिए करें आवेदन

यदि आपका खाता भी इन 8 सरकारी बैंकों में है तो हम आपको बताने जा रहे हैं कि तुरंत ये जरूरी काम निपटा लें क्योंकि होली का त्योहार जितने नजदीक आ रहा है बैंक की छुट्टियां भी उतने ही नजदीक आती जा रही है। सिर्फ आज और सोमवार को ही बैंक काम करेंगे। इसके बाद होली की छुट्टिया शुरू हो जाएंगी। इसलिए जल्द ही अपने बैंक की शाखा में जाएं और नया चेकबुक के लिए संपर्क करें और एप्लीकेशन दें। अगर आप अभी चेक बुक के लिए आवेदन करते हैं तो आपको 8-10 दिन बाद नई चेक बुक मिल जाएगी।

आपको बता दें कि सरकार ने जिन 8 बैंकों का विलय किया है वे बैंक इस प्रकार से हैं ताकि आपको पता रहे कि किस बैंक में जाना है-

1. देना बैंक और विजया बैंक का विलय बैंक ऑफ बड़ौदा में हुआ था यह 1 अप्रैल 2019 से ही प्रभावी हो गया है।

2. ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय पंजाब नेशनल बैंक में हुआ है।

3. सिंडिकेट बैंक का केनरा बैंक में विलय हुआ है।

4. आंध्रा बैंक व कॉरपोरेशन बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में विलय हुआ है।

5. इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय हुआ है। 1 अप्रैल 2020 से प्रभाव में आया है।

इन बैंकों के ग्राहकों को हर हाल में 1 अप्रैल 2021 से नया चेक बुक लेना होगा। हालांकि, सिंडीकेट और केनरा बैंक के ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली है। सिंडीकेट बैंक की मौजूदा चेक बुक 30 जून 2021 तक मान्य रहेंगी। उसके बाद नया चेक बुक लेना होगा।


साभार : पत्रिका.कॉम

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