बेटियों के भविष्य के लिए शानदार है मोदी सरकार की ये स्कीम, बेफिक्र होकर करें निवेश

नई दिल्ली l केंद्र सरकार ने पब्लिक प्रोविडेंट फंड, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों पर बुधवार देर शाम कैंची चलाई और गुरुवार सुबह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर फैसले पर ब्रेक लगा दिया. लेकिन जिस तरह से ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया गया था, उससे हर तरह के निवेशक को तगड़ा झटका लग गया था.

सुकन्या समृद्धि योजना पर ब्याज दर
सुकन्या समृद्धि योजना पर मिलने वाले इंटरेस्ट रेट में सरकार ने 0.7% की कटौती करने का फैसला किया था. सरकार ने इस योजना पर मिलने वाले ब्याज दर को 7.6 फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया था, जिसे अब वापस ले लिया गया है. निवेशकों के लिए यह एक बड़ी राहत है.

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत शुरुआत
मोदी सरकार ने साल 2015 में सुकन्या समृद्धि योजना को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत शुरू की थी. बिटिया की भविष्य के लिए यह एक शानदार स्कीम है. इस योजना में निवेश करने पर अच्छा रिटर्न तो मिलता ही है, साथ ही इनकम टैक्स डिडक्शन भी क्लेम कर सकते हैं.

250 रुपये में खुलवा सकते हैं खाता
इस योजना के तहत आप कम से कम 250 रुपये की राशि से खाता खुलवा सकते हैं. हालांकि, इस योजना के तहत आप सालाना ज्यादा से ज्यादा 1.5 लाख रुपये की राशि जमा कर सकते हैं.

कहां खुलेगा SSY खाता?
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत आवेदक अपनी बेटी के नाम पर किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवा सकते हैं. इस योजना की मदद से आवेदक अपनी बेटियों का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं. कई प्राइवेट बैंक में खाता खुलवाने की भी सुविधा है.

किसे मिलेगा फायदा
एक बच्ची के नाम पर सिर्फ एक खाता खोला जा सकता है. एक अभिभावक अधिक से अधिक 2 बेटियों के नाम से अकाउंट खुलवा सकता है. अगर जुड़वां या तीन बच्चियां एक साथ होती हैं, तो फिर तीसरी बच्ची को भी इसका फायदा मिलेगा.

कितनी अवधि है?
सुकन्या समृद्धि योजना में अभी 7.6% सालाना ब्याज मिल रहा है. बच्ची के 10 साल के होने से पहले तक ये खाता खोला जा सकता है. शुरुआती 14 साल के लिए खाते में रकम जमा करनी होती है. ये योजना 21 साल के बाद मैच्योर होती है.

क्या-क्या देने होंगे दस्तावेज?
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खुलवाने के लिए आवेदक को फॉर्म के साथ पोस्ट ऑफिस या बैंक में अपनी बेटी का बर्थ सर्टिफिकेट भी जमा कराना होगा. इसके अलावा बच्ची और माता-पिता का पहचान पत्र (पैन कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट) और जहां रह रहे हों उसका प्रमाण पत्र (पासपोर्ट, राशन कार्ड, बिजली बिल, टेलीफोन बिल, पानी का बिल) जमा कराना होगा.

निवेश के फायदे
सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है. बाकी सभी योजनाओं की तुलना में इसमें ब्याज ज्‍यादा मिलता है. बच्ची की उच्च शिक्षा और शादी-ब्याह के लिए बचत कर सकते हैं. मैच्योरिटी पर जो रकम मिलती है, उस पर टैक्स नहीं लगता.

कब मेच्योर होती है सुकन्या समृद्धि योजना स्कीम?
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा किया जाने वाला पैसा बच्ची के 21 साल के होने पर मैच्योर हो जाती है. यानी आप 21 साल बाद पैसे की निकासी कर सकते हैं. हालांकि, 18 साल की उम्र के बाद अगर बेटी की शादी होती है तो पैसा निकाल सकते हैं. इसके अलावा 18 वर्ष की उम्र के बाद बेटी की पढ़ाई के लिए 50 फीसदी तक पैसा निकाल सकते हैं.


साभार : आजतक.इन

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