महाराष्ट्र में 15 अगस्त तक कैबिनेट विस्तार संभव, फडणवीस को मिलेगा गृह मंत्रालय!

मुंबई : महाराष्ट्र में शिंदे सरकार के गठन के 39 दिन बाद भी कैबिनेट का विस्तार नहीं हो सका है. इसे लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है. एकनाथ शिंदे गुट और बीजेपी नेता लगातार मंत्रिमंडल का फॉर्मूला तय करने में लगे हैं. इस बीच, सूत्रों ने कहा है कि महाराष्ट्र में 15 अगस्त तक कैबिनेट विस्तार हो सकता है.

महाराष्ट्र को लेकर कयासबाजी चल रही है कि सरकार का गठन सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चलने की वजह से रुका हुआ है. हालांकि, रविवार को दिल्ली आए डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस बातों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा कि कैबिनेट विस्तार और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का एक-दूसरे से कोई लेना-देना नहीं है. जितना आप सोचते हैं, उससे भी जल्दी कैबिनेट का विस्तार होगा. फडणवीस ने आगे कहा कि विपक्ष के नेता अजीत पवार के पास आलोचना करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. हालांकि, वह भूल गए होंगे कि उनके समय में 32 दिन तक सिर्फ पांच मंत्री थे.

फडणवीस का कहना था कि राजनीति के लिए गुमराह करने वाले बयान दिए जा रहे हैं. अधिकारियों को पहले भी अर्ध-न्यायिक शक्तियां दी गई हैं. पिछली सरकार के दौरान कई मंत्रियों ने सचिव को अधिकार दिया था. यह ना सिर्फ राज्य में बल्कि देश में एक परंपरा है. मुख्यमंत्री जनता का है और मैं उनके मंत्रिमंडल में हूं. हम इस राज्य के लोगों के लिए हमेशा उपलब्ध हैं.

फडणवीस को मिल सकता है गृह मंत्रालय

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दिल्ली में बीजेपी के आलानेताओं के साथ बैठक के बाद खबरें आने लगी हैं. सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इसी सप्ताह (15 अगस्त तक) कैबिनेट विस्तार कर सकते हैं. शिंदे करीब 15 मंत्रियों को अपने पहले मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल कर सकते हैं. उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को महत्वपूर्ण गृह विभाग दिए जाने की संभावना है.

शीर्ष सरकारी सूत्रों ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर सुनवाई के कारण राज्य में निकाय चुनाव में देरी हो रही है. शीर्ष अदालत से स्पष्टीकरण मिलने के बाद अक्टूबर में निकाय चुनाव होने की संभावना है.

30 जून को शिंदे और फडणवीस ने ली थी शपथ

बता दें कि शिवसेना से बगावत कारण उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. उसके बाद शिंदे और फडणवीस ने 30 जून को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. दोनों तब से दो सदस्यीय कैबिनेट के रूप में काम कर रहे हैं. इसे लेकर एनसीपी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार समेत विपक्षी नेता लगातार हमलावर हैं.

शनिवार को मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा था कि मंत्रिपरिषद के विस्तार में देरी के कारण राज्य सरकार का कामकाज किसी भी तरह से प्रभावित नहीं हुआ है. जल्द ही और मंत्रियों को शामिल किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार का काम किसी भी तरह से प्रभावित नहीं हुआ है. निर्णय लेने की प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई है. मैं और उपमुख्यमंत्री निर्णय लेते रहे हैं और सरकार के कामकाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है.

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