एक दिन का CM बनने के लिए अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा ये शख्स!

प्रयागराज. साल 2001 में रिलीज हुई फ़िल्म नायक आपको जरूर याद होगी. इस फिल्म में अभिनेता अनिल कपूर एक दिन के मुख्यमंत्री बने थे. उन्होंने एक दिन में ही कई ऐतिहासिक फैसले लिए जिससे आइकन बनकर बनकर उभरे. फिल्म में जनता की मांग पर उन्हें चुनाव लड़ना पड़ा और दोबारा मुख्यमंत्री भी बने. नायक फिल्म में अभिनेता अनिल कपूर एक दिन में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी करवाई की थी. अब अनिल कपूर की इसी फिल्म से प्रभावित होकर मथुरा के रहने वाले प्रकाश चन्द्र अग्रवाल प्रयागराज में अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए हैं. उनकी मांग है कि उन्हें एक दिन का मुख्यमंत्री बनाया जाये.

प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने अपने एक दिन के कार्यकाल के लिए एजेंडा भी तैयार कर लिया है. उनका कहना है कि वो भ्रष्ट अधिकारियों को चिन्हित कर उनका डिमोशन कर उनके खिलाफ सख़्त करवाई करेंगे. उनका दावा है कि अगर उन्हें एक दिन का मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला तो हर तरह के भ्रष्टाचार को एक दिन में जड़ से समाप्त कर सकते हैं. एक दिन का मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग को लेकर प्रकाश चंद्र अग्रवाल बीते 3 अक्टूबर 2022 से प्रयागराज में धरने पर बैठे हैं. उन्होंने इसके लिए राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री, यूपी की गवर्नर और सीएम को प्रत्यावेदन भी भेजा. हालांकि वह यह बखूबी जानते हैं कि उन्हें एक दिन का मुख्यमंत्री बनाने का अधिकार सिर्फ सीएम को ही है.

एजेंडे में ये मुद्दे शामिल
प्रकाश चंद्र अग्रवाल से जब यह पूछा गया कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो अच्छा काम कर रहे हैं और यूपी में कानून व्यवस्था की स्थिति भी अच्छी है, तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि सीएम योगी के कामकाज और उनकी मंशा पर कोई सवाल नहीं है. लेकिन शासन के जो अधिकारी हैं वे उनके आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं. इसलिए अधिकारियों को सजा के तौर पर वे उनका डिमोशन करेंगे. प्रकाश चंद्र अग्रवाल के एजेंडे में कुछ और भी मामले हैं, जिसमें लोगों को बंदरों की समस्या से निजात दिलाना, सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करना, समान कार्य के लिए समान वेतन की नीति लागू करना, बुजुर्गों की पेंशन के लिए आय की अनिवार्यता समाप्त करना और नगर निगम के वाहनों में उत्तर प्रदेश सरकार लिखे जाने की परम्परा खत्म करने की मांग शामिल है.

समाजसेवी है प्रकाश चंद्र अग्रवाल

प्रकाश चंद्र अग्रवाल की बात करें तो वह समाजसेवी हैं और कई मामलों में कानूनी लड़ाई लड़ कर लोगों को न्याय भी दिला चुके हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल कई जनहित याचिकाओं में पर्सनल बहस भी कर चुके हैं. धरना दे रहे प्रकाश चंद्र अग्रवाल को देखकर कई लोग उनकी बातों को मजाक में भी लेते हैं और उन्हें सिरफिरा या दिमागी तौर पर कमजोर भी मान रहे हैं. लेकिन प्रकाश चंद्र अग्रवाल का दावा है कि उनकी मांग जायज हैं और संवैधानिक रूप से यह प्रावधान है कि एक दिन का मुख्यमंत्री उन्हें बनाया जा सकता है और यदि उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया गया तो निश्चित तौर पर सभी समस्याओं और भ्रष्टाचार को वे जड़ से खत्म कर देंगे

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