CM शिवराज को भरे मंच से मांगनी पड़ी माफी, आखिर ऐसा क्या हो गया?

इंदौर : इंदौर में हो रहे 17वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन में दूसरे दिन भारी हंगामा भरा रहा. पीएम मोदी के संबोधन सुनने के लिए प्रवासी जब कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में जमा हुए तो उन्हें मुख्य हाल में प्रवेश नहीं दिया गया. कहा गया कि मुख्य हाल फुल हो चुका है अंदर जगह नहीं है.

दरअसल, इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर के मुख्य हॉल में जहां मोदी द्वारा प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया जाना था जिसे सुनने के लिए करीब 70 देश से 3200 प्रवासी भारतीय आए हुए थे, लेकिन उन्हें मुख्य हाल में प्रवेश न देते हुए बाहर ही रोक दिया गया. इससे प्रवासी भारतीय नाराज हुए और जमकर अपनी भड़ास निकाली.

कई लोगों को आईं चोटें

उसी दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. पुलिस ने कुछ एनआरआई को हॉल में प्रवेश करने की अनुमति देने के लिए आंशिक रूप से एक गेट खोला, जिसमें कुछ को चोट लग गई और चीखें भी सुनाई दीं. भीड़ बढ़ी और लोगों ने संकरी जगह से निकलने की कोशिश की. वहीं कार्यक्रम चालू होने से पहले मॉरीशस के एक 58 वर्षीय एनआरआई की तबीयत बिगड़ी और उनके बेहोश होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया. जबकि एक अन्य प्रतिनिधि गिर गया और उसके माथे पर चोट लग गई. बढ़ती भीड़ और प्रवासियों की नाराजगी देखते हुए करीब 500 से अधिक लोगों को एक पंजीकरण क्षेत्र में ले जाया गया जहां एक बड़ी स्क्रीन लगी हुई थी जिसपर एनआरआई को कार्यक्रम देखने के लिए कहा गया.

सीएम शिवराज ने मांगी माफी
इससे एनआरआई और गुस्से में आ गए. अमेरिका, ब्रिटेन, जमैका, मॉरीशस, कतर और कई अन्य देशों के एनआरआई प्रतिनिधियों ने कुछ नहीं कहा, लेकिन वहीं एक प्रतिनिधि ने कहा की हमने कार्यक्रम में भाग लेने के लिए भुगतान किया है और इसके लिए दूर से आए है यह अपमानजनक है. अगर कार्यक्रम हमें टीवी पर ही देखना था तो यह हम अपने घर पर देख सकते थे.

यहां इतना खर्च कर आने की जरूरत नहीं थी. वहीं जब कार्यक्रम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया तो भाषण देने से पहले उन्होंने कहा कि ‘मैं माफी मांगता हूं. हाल में जगह कम पड़ गई है, लेकिन हमारे दिलों में आपके लिए प्यार और स्नेह की कोई कमी नहीं है.’

वहीं मुख्य हॉल में एक प्रवासी भारतीय द्वारा हंगामा किया गया था उनके द्वारा कहा गया था कि अगर सेवा करने की शक्ति नहीं है तो बुलाया क्यों? आयोजकों ने इसके लिए योजना क्यों नहीं बनाई, जबकि उन्हें पहले से ही पता था कि 3,500 प्रतिनिधियों में से हर ने 100 डॉलर का भुगतान किया है और इसके लिए पंजीकरण भी कराया है. वहीं मुख्य हॉल में 2,000 लोग बैठ सकते हैं, लेकिन मोदी के आगमन से हॉल 90 मिनट पहले ही भर गया.

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