तुर्की में और मचेगी तबाही? वैज्ञानिकों ने जताई ये आशंका

नई दिल्ली : तुर्की और सीरिया में भूकंप ने भयावह तबाही मचा दी है. तुर्की में सोमवार सुबह 7.8 तीव्रता के साथ भूकंप आया. जिसके बाद दोपहर में 7.6 तीव्रता के साथ एक बार लोगों को झटका मिला. इसके बाद शाम को तीसरी बार भूकंप के झटके लगे. हालांकि, इसकी तीव्रता 6.0 रही जो अभी तक तीनों में सबसे कम है. तुर्की की डिजास्टर एंड इमरजेंसी मैनेजमेंट अथॉरिटी (AFAD) के अनुसार, भूकंप की वजह से अभी तक एक हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. जबकि 5 हजार से ज्यादा लोग घायल हैं, जिनमें कई अस्पताल में मौत और जिंदगी की जंग से जूझ रहे हैं.

रिपोर्ट्स के अनुसार, तुर्की में 7.5 तीव्रता वाले दूसरे भूकंप का केंद्र एल्बिस्तान रहा था. जिस समय दूसरी बार भूकंप आया, उस समय भी लोग तुरंत घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर जमा हो गए. वैज्ञानिकों का कहना है कि बड़ी तीव्रता के भूकंप के बाद आफ्टरशॉक के आने से तुर्की में अभी और तबाही मच सकती है.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब कहीं ज्यादा तीव्रता का भूकंप आता है तो उसके बाद भूकंप के कई और झटके आ सकते हैं. ये झटके बेहद खतरनाक साबित होते हैं.

जो इमारतें पहली बार भूकंप में मजबूती के साथ खड़ी थीं, वो दूसरी बार भूकंप आते ही तहस-नहस हो गईं. भूकंप की वजह से हुई तबाही को लेकर तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने एक आपात बैठक भी की है. राष्ट्रपति रेचेप ने कहा है कि भूकंप पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी.

रिपोर्ट्स के अनुसार, एक ही दिन में दूसरी बार खतरनाक तीव्रता के भूकंप ने हालात और ज्यादा बिगाड़ दिए हैं. पहले ही सोमवार सुबह आए भूकंप की वजह से पहले से ही त्रासदी इतनी बड़ी थी जो अब और ज्यादा भयावह हो गई है. दूसरी ओर, खराब मौसम और बारिश की वजह से बचाव राहत दल को लोगों को रेस्क्यू करने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इतनी ज्यादा तबाही के बीच एक्सपर्ट्स ने आगे के लिए भी चिंता जताई है.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तुर्की में अब भूकंप के बाद आने वाले आफ्टर शॉक का डर भी बढ़ गया है. भूकंप की वजह से काफी इमारतें ऐसी हैं जिनमें दरार आ गई हैं. अभी तक तो यह सब इमारतें भूकंप का झटका झेल चुकी हैं, लेकिन आगे अगर एक बार भी हल्का सा भूकंप आया तो इन्हें भी जमींदोज होने में देर नहीं लगेगी. अगर ऐसा हो गया तो ना सिर्फ तबाही मचेगी बल्कि लोगों की जानें बचाना बेहद मुश्किल हो जाएगा. काफी तादाद में लोगों की जानें जाएंगी. इसके साथ-साथ अरबों रुपये का इन्फ्रास्ट्रक्चर भी नष्ट हो सकता है.

क्या है भूकंप के बाद आफ्टर शॉक

आफ्टर शॉक उस कंडीशन को कहा जाता है, जब किसी इलाके में भारी तीव्रता वाला भूकंप आ चुका हो, और कुछ समय बाद फिर भूकंप आएं. अगर वह पहले से भी ज्यादा मजबूत है तो उसे ही पहला भूकंप मान लिया जाता है. परेशानी की बात यह है कि भूकंप के दो साल बाद भी आफ्टर शॉक कंडीशन बन सकती है. हालांकि, समय के साथ-साथ वह कमजोर जरूर होता चला जाता है.

भूकंप के बाद आफ्टर शॉक कंडीशन काफी खतरनाक भी होती है. मान लीजिए भूकंप के समय में अगर इमारतों को सिर्फ थोड़ा ही नुकसान पहुंचा हो तो एक छोटा आफ्टर शॉक भी उन इमारतों को आसानी से गिरा सकता है. इसलिए भूकंप के बाद ऐसी सभी इमारतों का चेकअप किया जाना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आने वाले किसी भूकंप को यह झेल सकती है या नहीं.

वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे दूसरी बार भूकंप आने के बाद तबाही का मंजर हो गया है और लोग बिना कुछ परवाह अपनी जान बचाने के लिए दौड़ रहे हैं. इनमें पत्रकार भी शामिल हैं.

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