इन बड़े बैंकों ने बदले लॅाकर संबंधी नियम, अब चुकाना होगा इतना शुल्क

नई दिल्ली : बैंक लॅाकर को लेकर आरबीआई ने गाइडलाइन जारी की है. जिसके  बाद सरकारी से लेकर प्राइवेट तक कई बैंकों ने अपने लॅाकर शुल्क में भी बदलाव कर दिया है. यही नहीं आरबीआई ने देश के सभी बैंकों को कस्टमर्स के साथ बैंक लॉकर के रिवाइज्ड एग्रीमेंट पर साइन कराने के डेडलाइन भी जारी कर दी है. साथ ही 30 जून से बढ़े हुए शुल्क भी लागू करने की बात कही गई है. इसलिए बैंक लॅाकर संबंधी नियम जानना हर व्यक्ति के बहुत महत्वपूर्ण है. आपको बता दें कि हर बैंक में लॉकर के चार्ज उसके साइज प्लेसमेंट के बेस पर अलग-अलग ही काउंट किये जाते हैं..

SBI लॉकर चार्ज

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने भी अपने लॅाकर शुल्क में बदलाव किया है.  आपको बता दें कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कस्टमर्स को 3 साइज के लॉकर्स की फैसिलिट प्रोवाइड कराता है. तीनों लॅाकर्स के चार्ज अलग-अलग डिसाइड किये गए हैं. एसबीआई के मुताबिक बैंक अपने शहर में रहने वाले ग्राहक से 2000 जीएसटी के साथ चार्ज करता है. साथ ही रूरल और सेमीअर्बन इलाकों में रहने वाले कस्टमर्स से बैंक 1500 के साथ जीएसटी देनी पड़ती है…

HDFC लॉकर चार्ज

एचडीएफसी प्राइवेट सेक्टर का सबसे बड़ा बैंक है. लॅाकर चार्ज की बात करें तो यह बैंक 1350 रुपये से 20 हजार रुपए तक लॅाकर चार्ज वसूलता है. बैंक मैट्रोपॉलिटिन शहरों में मिड साइज बैंक लॉकर का चार्ज 3000 रुपये और लार्ज लॉकर की फीसदी 7000 रुपये है. वहीं यदि किसी ग्राहक को एक्स्ट्रा लार्ज लॅाकर चाहिए तो 15 से 20 हजार रुपए तक सालाना चार्ज चुकाना पड़ता है.

ICICI लॉकर चार्ज

आईसीआईसीई भी निजी क्षेत्र का दूसरा बड़ा बैंक है. यहां भी लॅाकर के साइज के हिसाब से चार्ज वसूल किये जाते हैं. नियमों के मुताबिक स्मॉल साइज लॉकर्स के लिए बैंक 1200-5000 रुपये तक चार्ज कर रहा है. वहीं मिडियम साइज के लॉकर्स के लिए 2000 से 9000 रुपए तक चार्ज वसूला  जाता है. आपको बता दें कि लॅाकर्स में रखे सामान की कीमत के हिसाब से भी लॅाकर के चार्ज में इजाफा कर दिया जाता है.

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