सरकार तो बन गई, अब नीतीश कुमार के सामने क्या है सबसे बड़ी चुनौती?

पटना: बिहार में नई सरकार बन गई है. सीएम नीतीश कुमार के साथ आठ मंत्रियों ने शपथ ली. सीएम नीतीश कुमार नौवीं बार सीएम बने हैं. राज्य में एनडीए की सरकार तो बन गई है लेकिन नीतीश कुमार के सामने चुनौती कम नहीं है. अब सबसे बड़ी चुनौती एनडीए में सीटों का बंटवारा है. पिछले लोकसभा चुनाव में जेडीयू और बीजेपी साथ लड़ी थी. जेडीयू 17 और बीजेपी 17 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. जेडीयू ने 16 और बीजेपी ने 17 सीटों पर जीत हासिल की थी.

बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें

अगर पिछली बार की तरह ही सीटों का बंटवारा हुआ तो 34 सीटों के अलावा 6 सीटें बचती हैं. बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं. इन छह सीटों पर दावेदार कई हैं. चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा जैसे नेता एनडीए में शामिल हैं. अब इन दलों को कितनी सीटें मिलती है और कितनी सीटों पर मान जाते हैं, ये बड़ी चुनौती होगी.

पिछले लोकसभा चुनाव में एलजेपी ने जीती थीं 6 सीटें

पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस एक और अविभाजित एलजेपी 6 सीटों पर जीती थी. एलजेपी दो फाड़ हो चुकी है. एक गुट चिराग पासवान का है और एक गुट पशुपति पारस का है.

कौन कौन बना मंत्री?

नीतीश कुमार के साथ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं विजय कुमार सिन्हा, सम्राट चौधरी और प्रेम कुमार और जेडीयू के विजेंद्र यादव और श्रवण कुमार ने भी मंत्रिपद की शपथ ली. इसके अलावा एचएएम के संतोष कुमार सुमन, सुमित कुमार सिंह (निर्दलीय) ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नयी सरकार में मंत्रिपद की शपथ ली. जेडीयू अध्यक्ष ने दिन में यह कहते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था कि बिहार में सत्तारूढ़ महागठबंधन और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन में उनके लिए ‘चीजें ठीक नहीं चल रही हैं.’   इसी के साथ उन्होंने बीजेपी के सहयोग से नयी सरकार बनाने का दावा पेश किया था. लगभग डेढ़ साल पहले उन्होंने बीजेपी से नाता तोड़ लिया था.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *