यूपी में सपा के साथ बात न बनने पर क्या करेगी कांग्रेस?

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन की दो प्रमुख पार्टियों के बीच सीट बंटवारे का पेंच फंसा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस 21 सीटों की मांग कर रही है. सपा के राजी नहीं होने से सीटों का तालमेल अंतिम नतीजे तक नहीं पहुंच सका है. जानकारों का कहना है कि गठबंधन में सीटों का तालमेल नहीं होने पर कांग्रेस के पास विकल्प बचा है. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की तरफ से बसपा पर डोरे डाले जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि गठबंधन में सीट बंटवारे पर तस्वीर साफ नहीं होने के बाद कांग्रेस बसपा से समझौता कर सकती है. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की नजर बसपा पर टिकी हुई है. इंडिया गठबंधन को यकीन है कि अकेले चुनाव लड़कर बीजेपी को सत्ता से नहीं हटाया जा सकता है.

गठबंधन में सीट बंटवारे पर फंसा पेंच

बीजेपी को हराने के लिए सभी विपक्षी पार्टियों का एक मंच पर आना आवश्यक है. सपा और कांग्रेस की कवायद है कि सीट बंटवारे पर सहमति बन जाए. हालांकि दोनों दलों के बीच की तस्वीर अभी तक साफ नहीं हुई है. कहा जा रहा है कि कांग्रेस यूपी की 80 सीटों पर एकला चलो की भी रणनीति बना चुकी है. 80 लोकसभा सीटों पर दावेदारों की लिस्ट प्रदेश कमेटी के माध्यम से शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुकी है. लेकिन कांग्रेस सपा का साथ नहीं छोड़ना चाहती. कांग्रेस की रणनीति सपा को साथ लेकर लोकसभा चुनाव लड़ने की है.

कांग्रेस क्या अपना सकती है विकल्प?

अंदर खाने से बात भी निकलकर सामने आ रही है कि गठबंधन के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बनने की स्थिति में जल्द कांग्रेस बीएसपी से समझौता कर सकती है. हालाकि अभी इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. लेकिन सियासी गलियारों में कांग्रेस और बीएसपी के साथ आने की चर्चाएं खूब हो रही हैं. दूसरा विकल्प कांग्रेस के पास यूपी में एकला चोली का है.

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस 80 सीटों पर प्रत्याशी खड़े कर सकती है. प्राथमिकता सपा के साथ सीट बंटवारे पर सहमति बनाकर एक साथ चुनाव लड़ने की है. सहमति नहीं बनने पर कांग्रेस बीएसपी से संपर्क साधकर कोई नया खेल कर सकती है. गठबंधन में चुनाव लड़ने पर मुस्लिम, एससी वोटरों के साथ फिक्स वोट कांग्रेस और बसपा को मिलेगा. 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा ने बसपा के साथ गठबंधन कर प्रत्याशी उतारे थे.

बीएसपी को 10 और सपा को 5 सीटें मिली थी. लोकसभा में बीएसपी की जीती हुई 10 सीटों को कांग्रेस नजरअंदाज नहीं कर रही है. अंदर खाने बीएसपी के साथ भी गठबंधन करने के गोपनीय प्रयास जारी हैं. हालांकि देखना होगा यूपी में सपा कांग्रेस एक होती हैं या कांग्रेस की बीएसपी के साथ हांथ मिलाने की कवायद रंग लाती है या यूपी में विपक्ष एकला चलो की नीति से चुनाव लड़कर बीजेपी को फायदा पहुंचाता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *