रूठे कमलनाथ मान गए!

भोपाल: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पाला बदलने और भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की खबरें इन दिनों छाई हुईं थीं। इस बीच कांग्रेस नेता ने शुक्रवार को लोगों और कार्यकर्ताओं से राज्य में राहुल गांधी के नेतृत्व वाली ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ में शामिल होने का आग्रह किया।

कमलनाथ ने X पर पोस्ट किया, “मध्य प्रदेश की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का स्वागत करने के लिए उत्साहित हैं। हमारे नेता राहुल गांधी पूरे देश में सड़कों पर उतरे हैं और अन्याय, उत्पीड़न और शोषण के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की घोषणा की है।” उन्होंने आगे लिखा, “मैं मध्य प्रदेश की जनता और प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूं कि वे अधिक से अधिक संख्या में भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होकर राहुल गांधी की ताकत और साहस बनें। आप और मैं मिलकर अन्याय के खिलाफ इस महान अभियान को अंजाम तक पहुंचाएंगे।”

कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने की अटकलें

कांग्रेस नेता कमलनाथ हाल ही में उन अटकलों को लेकर सुर्खियों में आए थे कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं लेकिन अब तक उनके पाला बदलने का कोई संकेत नहीं है। पूर्व कांग्रेस नेता और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा द्वारा साझा किए गए एक पोस्ट के बाद अटकलों को हवा मिली थी, जिसमें नकुल नाथ के साथ कमलनाथ की तस्वीर दिखाई गई, जिसका शीर्षक ‘जय श्री राम’ था।

वहीं, पार्टी बदलने की उनकी योजना के बारे में पूछे जाने पर कमलनाथ ने कहा था कि अगर कुछ होगा तो मीडिया को सूचित किया जाएगा। कमलनाथ ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था, “आप सभी उत्साहित क्यों हो रहे हैं? यह इनकार करने के बारे में नहीं है। अगर ऐसा कुछ है तो मैं आप सभी को सूचित करूंगा।”

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
10 फरवरी को अपने पाला बदलने की अटकलों के बीच कमलनाथ ने कांग्रेस की विचारधारा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए X पर एक पोस्ट साझा किया था। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा था, “कांग्रेस की विचारधारा सत्य, धर्म और न्याय की विचारधारा है। कांग्रेस की विचारधारा में देश के सभी धर्मों, जातियों, क्षेत्रों, भाषाओं और विचारों के लिए समान स्थान और सम्मान है। कांग्रेस के 138 साल के इतिहास में पार्टी का अधिकांश समय संघर्ष और सेवा में बीता है। स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में तानाशाही के खिलाफ संघर्ष में देश की सेवा करने की कांग्रेस नेताओं में होड़ मची थी। आजादी के बाद राष्ट्र निर्माण ही कांग्रेस का एकमात्र लक्ष्य है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *