झारखंड में मिले 35 करोड़ रुपए का क्या करेगा ED, कहां जाती है इतनी बड़ी रकम?

रांची। झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई में अब तक 35.23 करोड़ रुपए बरामद किए जा चुके हैं. बड़ी मात्रा में कैश मिलने के बाद ईडी ने एक्शन लिया है. राज्य मंत्री आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल और नौकर जहांगीर आलम को गिरफ्तार किया गया है. ईडी ने यह कार्रवाई सोमवार को की थी. इस दौरान झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल और उनके घरेलू नौकर जहांगीर आलम के घर पर नोटों का भंडार मिला था.

कार्रवाई के बाद बैंक कर्मचारियों को नोट गिनने वाली मशीनों के साथ बुलाया गया. अब सवाल है कि आखिर बरामद किए गए 35.23 करोड़ रुपए का ईडी क्या करेगा? ईडी की कार्रवाई में एसबीआई कर्मचारियों का आखिर क्या काम है?

कार्रवाई के बाद जब्त रुपयों का क्या करती है ED?

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ज्यादातर मामलों में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई करती है. इस साल जनवरी में ईडी ने दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा और गुजरात में 19 जगहों पर कार्रवाई की थी. ये सभी मामले मनी लॉन्ड्रिग से जुड़े थे. इस दौरान एजेंसी ने 1.3 करोड़ रुपए नगदी जब्त की गई थी. अब सवाल है कि ईडी के पास आया इतना पैसा आखिर जाता कहां है?

कार्रवाई के दौरान ईडी को भारी मात्रा में कैश मिलता है. इसे एजेंसी अपने पास नहीं रख सकती. नियम कहता है कि जब भी ईडी को कैश मिलेगा तो सबसे पहले यह एजेंसी आरोपी से इससे जुड़े सवाल-जवाब करेगी. आरोपी से पूछाजाएगा कि आखिर उसके पास इतना पैसा कहां से आया. इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है.

मान लीजिए किसी शख्स के पास से ईडी ने 20 लाख रुपए बरामद किए हैं तो एजेंसी इस रकम के सोर्स के बारे में पूछेगी. अगर वो यह बताता है कि इतना पैसा कहां से आया तो उसे यह साबित भी करना पड़ेगा. सबूत भी देना होगा. सबूत न दे पाने की स्थिति में एजेंसी उस रकम को जब्त कर लेती है.

छापेमारी में एसबीआई के अधिकारियों का क्या काम?

ईडी ऐसे मामलों की SBI के अधिकारियों को जानकारी देता है. इसके लिए एक समन जारी करता है, जिसके बाद बैंक के कर्मचारी पहुंचते हैं. इनका मुख्य काम होता है नोट काउंटिंग मशीन से रकम की गिनती करना. गिनती के दौरान रकम को बहुत ही व्यवस्थित तरीके से रखा जाता है. नगदी में कितने 500 या कितने 100 रुपए के रहे, इसकी भी डिटेल्स दी जाती है.

कहां जाती है सारी रकम?

छापेमारी में मिली रकम की गिनती करने के बाद उसे डिब्बों में रखा जाता है और सील लगाई जाती है. इस दौरान कुछ गवाह भी मौजूद रहते हैं. इन डिब्बों को राज्य के उस बैंक की शाखा में ले जाया जाता है जहां पर ईडी का खाता होता है.

पूरी कार्रवाई के दौरान यदि अभियुक्त को दोषी ठहराया जाता है तो राशि वापस नहीं मिलेगी और उसे केंद्र सरकार को ट्रांसफर कर दिया जाएगा. यदि आरोपी बरी होताा है तो पूरी रकम उसे वापस मिल जाती है. इस तरह कार्रवाई के बाद अभियुक्त को दोषमुक्त होने का मौका दिया जाता है, लेकिन ऐसा न होने पर रकम केंद्र सरकार के खजाने में ट्रांसफर कर दी जाती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *