चुनाव प्रचार या चुनावी लाभ के लिए ना हो जातिगत जनगणना का इस्तेमाल : RSS

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक आज सोमवार को खत्म हो रही है. यह आयोजन केरल के पलक्कड़ शहर में 31 अगस्त से लेकर 2 सितंबर 2024 को किया गया. संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि बैठक में पश्चिम बंगाल की दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर चर्चा हुई. इस तरह की घटना पर अंकुश लगाने के लिए तेजी से सुनवाई हो, सरकारी तंत्र की सक्रियता आदि को तेज करने पर चर्चा हुई. संघ प्रमुख मोहन भागवत आज शाम भाषण देंगे और इसके साथ यह बैठक खत्म होगी.

‘कल्याणकारी मकसद के लिए हो जातिगत जनगणना’

नीतिगत उद्देश्यों के लिए जातिगत जनगणना की बात करते हुए आंबेकर ने कहा कि हम हमेशा इन मुद्दों पर सोचते हैं लेकिन जाति जनगणना का इस्तेमाल चुनाव प्रचार और चुनावी उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए. लेकिन कल्याणकारी उद्देश्यों के लिए और खासतौर से दलित समुदाय की संख्या जानने के लिए सरकार उनकी संख्या की गणना कर सकती है.

जातीय जनगणना के आड़ में समाज बांटने के मुद्दे से जुड़े सवाल पर संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख ने कहा कि हम समाज की एकता और अखंडता के बारे में बेहद चिंतित हैं… हम इसे जन स्तर तक ले जाएंगे. जातीय जनगणना के तहत इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. संघ सामाजिक समरसता के तहत इसको लेकर जनजागरण अभियान चलाएगा.

आंबेकर ने पलक्कड़ में बैठक के बारे में कहा कि पश्चिम बंगाल की महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ जिस तरह की घटना घटी उस पर भी बैठक में चिंतन किया गया. इस घटना को लेकर चिंता और दुख व्यक्त किया गया. बैठक में पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा की गई. हर कोई इस घटना को लेकर चिंतित था. उन्होंने आगे कहा कि संघ के सभी अनुसंगिकों ने इस पर दुख व्यक्त किया. बैठक में इस पर भी मंथन किया गया कि आखिर इस तरह की घटना कोई बढ़ती जा रही है. राज्य सरकार इसे रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए.

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