राहुल गांधी पर अब किस मामले को लेकर दर्ज हुई FIR

नई दिल्ली : असम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ उनके कथित हालिया बयान “देश की संप्रभुता को खतरा” को लेकर पुलिस मामला दर्ज किया गया है, विपक्षी पार्टी ने सोमवार को शिकायत को ‘राजनीतिक स्टंट’ बताकर खारिज कर दिया।

पुलिस ने बताया कि पिछले सप्ताह नई दिल्ली में कांग्रेस के नए राष्ट्रीय मुख्यालय के उद्घाटन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणियों के खिलाफ शनिवार शाम को अधिवक्ता मोनजीत चेतिया ने पानबाजार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

मोनजीत चेतिया ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था कि “भाजपा और आरएसएस ने हर एक संस्थान पर कब्जा कर लिया है, और अब हम भाजपा, आरएसएस और भारतीय राज्य से ही लड़ रहे हैं।”

अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने ये टिप्पणियां “भारतीय राज्य की संप्रभुता और अखंडता को कमजोर करने और लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के खिलाफ विद्रोह भड़काने के लिए जानबूझकर और सुनियोजित इरादे से कीं।”

शिकायत में चेतिया ने दावा किया, “लोकतांत्रिक तरीकों से जनता का विश्वास हासिल करने में असमर्थ, आरोपी अब केंद्र सरकार और भारतीय राज्य के खिलाफ असंतोष भड़काने की कोशिश कर रहा है।” भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 152 और 197(1)(डी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

बीएनएस धारा 152 विभिन्न माध्यमों से भारत की संप्रभुता, एकता या अखंडता को खतरा पहुंचाने वाले कृत्यों को संबोधित करती है और दंडित करती है। धारा 197(1)(डी) भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता या सुरक्षा को खतरे में डालने वाली झूठी या भ्रामक जानकारी से निपटती है।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया ने कहा, “राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर एक राजनीतिक स्टंट है। विपक्ष की आवाज को धमकाने के लिए भाजपा की ओर से किसी ने मामला दर्ज कराया है।” गांधी की टिप्पणी का बचाव करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई जैसी एजेंसियों ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के इशारे पर काम किया है।

सैकिया ने कहा, “यहां तक ​​कि चुनाव आयोग ने भी मतदान केंद्रवार मतदान के आंकड़ों की जानकारी देना बंद कर दिया है। इससे यह साबित होता है कि राहुल जी जो कह रहे हैं, कि हम राज्य मशीनरी के खिलाफ भी लड़ रहे हैं, जिसे तटस्थ माना जाता है, जिसका इस्तेमाल भाजपा द्वारा राजनीतिक उपकरण के रूप में किया जा रहा है।”

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