‘एक देश-एक चुनाव’ व्यवस्था लागू करने पर क्या बोले केंद्रीय कानून मंत्री?

नई दिल्ली। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार ‘एक देश, एक चुनाव’ व्यवस्था लागू करने के लिए कृत संकल्पित है। मेघवाल राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक प्राइवेट विश्वविद्यालय के नए एकेडमिक सेक्शन का उद्घाटन करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे।

पहले भी लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ हुए

उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार ‘एक देश, एक चुनाव’ लागू करने के लिए कृत संकल्पित है। साल 1952, 1957, 1962 और 1967 में भी लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हुए थे।’ मेघवाल ने ‘एक देश, एक चुनाव’ को देशहित में बताया।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी इसे मंजूरी

उन्होंने कहा कि ‘एक देश, एक चुनाव’ को निर्वाचन आयोग, हमारी समितियों, नीति आयोग के समूह और फिर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय समिति ने अपनी सहमति दी है और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी इसे मंजूरी दे दी है। मंत्री ने कहा कि इस विधेयक को लोकसभा में पेश किया गया, जो अभी संयुक्त संसदीय समिति के पास विचाराधीन है और इस पर विभिन्न सामाजिक संगठनों से विचार-विमर्श किया जा रहा है।

कुछ दल तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं- मेघवाल

कार्यक्रम से इतर मीडिया के एक सवाल के जवाब में मेघवाल ने कहा, ‘कुछ ऐसे दल हैं, जो तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं। पीएम मोदी तुष्टिकरण के बजाय संतुष्टिकरण पर बल देते हैं।’

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