‘किसी को आपत्ति है तो वह कोर्ट जा सकता है’, चिराग ने क्यों कही ये बात?

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री और लोजपा रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के परिवार में 1 अप्रैल को कुछ विवाद सामने आया था। चिराग पासवान की बड़ी मां राजकुमारी देवी ने पशुपति पारस के परिवार पर बड़ा आरोप लगाया था। राजकुमारी देवी दिवंगत रामविलास पासवान की पहली पत्नी हैं और उनके गांव खगड़िया के शहरबन्नी स्थित पुस्तैनी मकान में रहती हैं। इसी बीच चिराग पासवान शनिवार को अपने पैतृक गांव शहरबन्नी पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी बड़ी मां से मुलाकात की और उनका हालचाल लिया।

‘सबको माकूल जवाब मिलेगा’

इसकी जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, ‘पापा की जन्मभूमि शहरबन्नी में अपनी बड़ी मां से मुलाकात किया, उनके स्वास्थ की जानकारी ली और आशीर्वाद भी प्राप्त किया। पिछले कुछ दिनों से परिवार के ही कुछ सदस्यों द्वारा जो उम्र और अनुभव में मुझसे काफी बड़े है और आर्थिक महत्वकांक्षा की आड़ में मेरी बड़ी मां को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जो कतई स्वीकार नहीं है। आने वाले दिनों में सबको माकूल जवाब मिलेगा।’

पहली बार पारिवारिक झगड़े पर बोले चिराग

चिराग ने कहा कि मुझे बोलना तो नहीं चाहिए लेकिन कुछ बातें सामने आई है इसलिए बता रहा हूं। उन्होंने सीधे तौर पर अपने चाचा पशुपति पारस और उनके परिवार पर आरोप लगाया कि उन्होंने मेरी बड़ी मां को परेशान किया है, उनको संपत्ति से बेदखल करने की कोशिश की है।

उन्होंने पशुपति पारस को चैलेंज करते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो आप संपत्ति का बंटवारा कर दीजिए, मैं भी तैयार हूं, आप बताइए कहां-कहां संपत्ति है। बंटवारा कर लीजिए कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन राजनीतिक लड़ाई हो या पारिवारिक लड़ाई हो, इससे महिलाओं को दूर रखें तो ज्यादा अच्छा है।’ उन्होंने कहा कि जिसे हमारे अभिभावक के तौर पर होना चाहिए आज वह हमारे परिवार को बर्बाद करने में लगे हैं।

‘किसी व्यक्ति को आपत्ति है तो वह कोर्ट जा सकता है’

इसके साथ ही चिराग पासवान ने वक्फ संशोधन बिल और बिहार की राजनीति पर भी बात की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने विपक्षी नेताओं पर जोरदार हमला बोला। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, ‘वक्फ बिल गरीब मुसलमान के लिए लाया गया है, लेकिन आप मुसलमान को अधिकार नहीं देना चाहते हैं, कोर्ट जाना है तो जाइए किसने रोका है।

हमारे संविधान में पहले से ही प्रावधान है कि अगर किसी व्यक्ति को आपत्ति है कि उसके साथ न्याय नहीं हुआ है, तो वह अदालत जा सकता है। हमने वक्फ में जो संशोधन किए, वह इसी पर आधारित है। क्योंकि ज्यादातर मामलों में वे अदालत नहीं जा सकते थे, इसी में संशोधन किया गया है। हर व्यक्ति, हर पार्टी स्वतंत्र है। लालू यादव ने खुद कहा था कि इसे सख्त किया जाना चाहिए, ये उनके शब्द थे, लेकिन आज जब इसे सख्त कर दिया गया है, तो उनकी खुद की पार्टी अदालत जाने की बात कर रही है।’

‘समय-समय पर अपने बयान से बदलना गलत’

चिराग पासवान ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग समय-समय पर अपनी कही गई बात से बदल जाते हैं, यह गलत है। वहीं, उन्होंने महागठबंधन के नेताओं की ओर से सवाल उठाने पर कहा कि महागठबंध के नेताओं को अपनी चिंता होनी चाहिए। वे इस बात की चिंता करें कि क्यों कांग्रेस पार्टी राजद के सीएम को स्वीकार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि लालू यादव बात मुसलमानों की करते हैं, लेकिन जब बात सीएम बनाने की आएगी तो ये सपोर्ट नहीं करेंगे।

इनकी कथनी और करनी में फर्क है। चिराग ने कहा कि मेरे पिता रामविलास पासवान ने मुस्लिम समुदाय के नेता को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की 2005 में मांग की थी। उस वक्त पूरी पार्टी हाशिए पर चली गई, लेकिन वे उनके साथ खड़े रहे। उनके अंदर उन्हीं का खून है। उन्हीं की सोच लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं। कोई अगर नाराज है तो उसकी नाराजगी को दूर करने की कोशिश करेंगे। वहीं, बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि इस बार विधानसभा चुनाव में एनडीए को ऐतिहासिक बहुमत मिलेगा।

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