ऋषिकेश : एम्स में दो बच्चों की हुई सफल टैट्रोलोजी ऑफ फैलोट सर्जरी, गंभीर बिमारी से 3 साल से थे ग्रसित, निदेशक ने मेडिकल टीम को दी बधाई

ऋषिकेश : एम्स में दो बच्चों की हुई सफल टैट्रोलोजी ऑफ फैलोट सर्जरी, गंभीर बिमारी से 3 साल से थे ग्रसित, निदेशक ने मेडिकल टीम को दी बधाई.  अ​खिल भारतीय…

जल शक्ति के महत्व को समझने का समय अब आ गया है  

जल शक्ति के महत्व को समझने का समय अब आ गया है  ग्वालियर : भारत के नियंत्रक और लेखा महानिरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी योजनाएं प्रतिदिन प्रति व्यक्ति चार…

ऋषिकेश : लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग पर फूलचट्टी के समीप बीती रात हाथी ने एक ब्यक्ति पटक-पटक कर मारा, इलाके में हड़कंप

मनोज रौतेला की रिपोर्ट : ऋषिकेश : लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग पर फूलचट्टी के समीप बीती रात हाथी ने एक ब्यक्ति पटक-पटक कर मार डाला, इलाके में हड़कंप मचा हुआ है…

हरिद्वार : वनकर्मी को हाथी ने उतारा मौत के घाट, राजाजी के बेरिवाड़ा रेन्ज का मामला

मनोज रौतेला की रिपोर्ट : हरिद्वार : राजाजी टाइगर रिजर्व में आज एक जंगली गजराज ने एक वन कर्मी को मौत के घाट उतार दिया। घटना पार्क की बेरिवाड़ा रेन्ज…

“पगडण्डी”———————————–

“पगडण्डी”———————————–    आज फिर उसी पगडण्डी से होते हुए चलती हुई उन यादों में खो जाती हूँ,,अपने गांव और गांव के नीचे बहती अलकनंदा की कलरव करती मधुर आवाज,सामने वही…

“बलमा जी का स्टूडियो”

अतीत और वर्तमान की ड्योढ़ी पर बैठे वर्तमान से एकदम मुंह फेरे मुझ जैसे तमाम नास्टैल्जिक पाठको के लिए कहानी “बलमा जी का स्टूडियो “हाथ पकड़कर उसी दुनिया में ले…

कविता – गुनहगारों की बस्ती

-गुनहगारों की बस्ती- माना  कि ये नहीं होते बेटा और  बेटी परंतु तुम्हारे गर्भ से जन्मी औलाद तो है न जिनके पैदा होने पर  वैसे ही उमड़ घुमड़ आँचल से…

पावस में खटराग बहुत है तुम ही इंतजार करते थे हम तो पहले ही कहते थे…

पावस में खटराग बहुत है तुम ही इंतजार करते थे हम तो पहले ही कहते थे पावस में खटराग बहुत है टपक रहा है घर का एक -एक  कोना- कोना…

दुःख से पहली बार मिलवाया था…तुम्हारी हंसी ने…

दुःख से पहली बार मिलवाया था तुम्हारी हंसी ने तुम्हारी उदासी ले गयी थी दर्शन की किताबों तक चालीस साल बाद भी स्पर्श का बीज -मन्त्र अजपा जाप- सा स्वचालित…

अतिशय राग बिखेर गया…आंसुओं का अंतहीन सिलसिला…

अतिशय राग बिखेर गया आंसुओं का अंतहीन सिलसिला मौन की घुटन भरी गुफा में पैर टिकाने नहीं आते आश्वस्त स्वर पथरायी आँखें बुनती हें अतीत के रुपहले ऊन से एक…