बेतार के तार बुनते सघन रिश्तों की बारीक चादर अदेखी उंगलियाँ रचती मखमली बेलबूटे अनमिली निगाहें फेंकती अवसादित रातों में तेज सर्च लाइट प्रामाणिक होता है हमेशा अनकहा ही अबोली…
#stand_with_farmers ज़मीन मांगेंगे आसमान मांगेंगे हम अपने हक़ का हिसाब मांगेंगे मांगने पर आए तो तुम दे ना सकोगे गुमां ये है कि हम क्या खाक़ मांगेंगे लड़ने चले हम…
ग्वालियर : देश में कोरोना महामारी के चलते दिनांक 27 नवम्बर 2020 को वर्ष 2020-21 की द्वितीय तिमाही में, सकल घरेलू उत्पाद में, वृद्धि सम्बंधी आंकड़े जारी कर दिए गए…
“25 नवम्बर “ -गढ़वाल में जी हाँ आज “ईगास बग्वाल” है- हम पहाडी/गढ़वालियों का महत्वपूर्ण त्यौहार, कुछ यादें फिर पहाड़ की ताजा हो जाती हैं,,और जब बात त्योहारों की हो…
-प्रेमचंद की कहानी ‘सवा सेर गेहूं का मंचन, रो उठे दर्शक- जहां कोरोना के चलते नाट्य प्रस्तुतियां स्वप्न हो गई थी वही इस नाटक की प्रस्तुति से नाटक जगत में…