“बेटी” कोख कहती मेरी मैंने तो संतान जने हैं बेटा बेटी कहकर तुमने ये कैसे ताने बुने हैं

बेटी कोख कहती मेरी मैंने तो संतान जने हैं बेटा बेटी कहकर तुमने ये कैसे ताने बुने हैं सींचा है रक्त से दोनों को ही मैंने नौ मास रात दिन…

भारत की आत्मा ग्रामों में बसती है अतः देश में ग्रामीण विकास ज़रूरी 

भारत की आत्मा ग्रामों में बसती है अतः देश में ग्रामीण विकास ज़रूरी    अर्थ की महत्ता आदि काल से चली आ रही है। आचार्य चाणक्य ने भी कहा है…

–सभी समस्या का हल स्वयं में है–

–सभी समस्या का हल स्वयं में है– इस संसार में प्रत्येक मनुष्य के पास जब विकट समस्या आती है ,तब समस्या अकेले नहीं आती है ,समस्या और समाधान दोनों साथ…

वश में जो  होता यह मन। उड़ आता बन कर खंजन।

वश में जो  होता यह मन। उड़ आता बन कर खंजन। वाणी में शहद घोलता तोल मोल शब्द बोलता कभी दुखी कभी खुशगवार  बन कर ज्यों पवन डोलता जीवन के …

भारतीय अर्थव्यवस्था में आ रहे हैं कई सकारात्मक बदलाव

ग्वालियर : कोरोना वायरस महामारी के चलते आर्थिक गतिविधियां पूरे विश्व में ठप्प पड़ गईं थीं। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा एवं मार्च 2020 के बाद से देश में…

पहले अपना जीवन बदला और अब दूसरों की जिंदगी सवारने में लगीं हैं प्रथम भारतीय ट्रांसजेंडर स्टूडेंट एमएक्स धनंजय चौहान

पहले अपना जीवन बदला और अब दूसरों की जिंदगी सवारने में लगीं हैं-प्रथम भारतीय ट्रांसजेंडर स्टूडेंट एमएक्स धनंजय चौहान- पंजाब यूनिवर्सिटी की प्रथम भारतीय ट्रांसजेंडर स्टूडेंट एमएक्स धनंजय चौहान ने…

सप्लाई चैन की मज़बूती के लिए भारत के साथ आ रहे हैं जापान, आस्ट्रेलिया एवं अन्य विकसित देश-(लेख)      

सप्लाई चैन की मज़बूती के लिए भारत के साथ आ रहे हैं जापान, आस्ट्रेलिया एवं अन्य विकसित देश-  भारत, जापान एवं आस्ट्रेलिया अभी हाल ही में भारतीय-प्रशांत महासागर के क्षेत्र…

उत्तराखण्ड : ऋषिकेश शहर को स्वच्छ रखने की कवायद हुई तेज, मिशन के लिए निगम ने उतारे 10 कूड़ा वाहन, महापौर ने दिखाई हरी झंडी

जनता के सहयोग से स्वच्छता मुहिम का सपना होगा साकार: मेयर निगम के तमाम वार्डो में जल्द बटेगें 50 हजार कूड़ेदान :अनिता ममगाई, मेयर मनोज रौतेला की रिपोर्ट : ऋषिकेश-सपना…

“तनाव” जी हाँ ये शब्द आज हर किसी के साथ यूँ जुड़ चुका मानों शरीर का अभिन्न अंग हो-(लेख)

“तनाव”          जी हाँ ये शब्द आज हर किसी के साथ यूँ जुड़ चुका मानों शरीर का अभिन्न अंग हो,,, इसके बिना हम एक कदम न चल…

“हिमालय दिवस पर “हिमालय” –(लेख)

“हिमालय दिवस “ “हिमालय” इस शब्द में ही कितना सुकूँ और खूबसूरती छुपी है,,इसी एक शब्द के इर्द गिर्द हमेशा अपना अस्तित्व खोजती रही हूँ,,इससे इतर स्वयं की कभी कल्पना…