हिंदी दिवस: एक दुर्लभ चित्र

गौरव अवस्थी यह चित्र जो आप देख रहे हैं वह सरस्वती के पूर्व संपादक हिंदी के प्रकांड विद्वान पंडित श्री नारायण चतुर्वेदी भैया साहब और सरस्वती के वर्तमान प्रधान संपादक…

हिन्दी भाषा मेरी शान

      डॉ.रंजना वर्मा ‘रैन’ गोरखपुर हिन्दी भाषा मेरी शान, मुझको इस पर है अभिमान l  पैरोकार बने यह मान, यही करे सबका कल्यान ।l नियत न हो इसका…

जब कुछ सम्भव न हो पाए

      संध्या नवोदिता जब कुछ सम्भव न हो पाए तो बस एक काम करना तुम प्रेम को स्मृति में रखना स्मृतियों को प्रेमिल रखना नमी बचाए रखना आँखों…

भारत के रजत द्विवेदी और अमेरिका के ओजस ने जीती काव्य पाठ प्रतियोगिता

पहली बार भारत और अमेरिका के बच्चों की संयुक्त रूप से आयोजित हुई अंतर्राष्ट्रीय काव्य पाठ एवं कहूट प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता l दोनों देशों के 5 दर्जन बच्चों ने किया प्रतियोगिताओं…

11 सितंबर को आयोजित होगी आचार्य द्विवेदी स्मृति अंतरराष्ट्रीय हिंदी कविता प्रतियोगिता

युग निर्माता साहित्यकार आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृति एवं हिंदी दिवस के अवसर पर बच्चों की अंतरराष्ट्रीय हिंदी कविता एवं कहूत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता 11 सितंबर को ऑनलाइन संपन्न होगी…

जीवन में प्रेम

‘जीवन में प्रेम’ यदि आप बरसात की बूंदों को, स्पर्श करते… मैं तुम्हारे पास बौछार भेजती। यदि समंदर में जल-विहार करते, मैं महासागर बनकर आती… आप का प्रेम व्यक्तिमय होता…

मैं तो गंगा किनारे…आता रहा। देख लहरों को गीत, गाता रहा…

मैं तो गंगा किनारे,      आता रहा। देख लहरों को गीत,     गाता रहा। सुना जो संगीत,    लहरों का मैंने। मैं उसी को,     गुनगुनाता रहा।…

लॉकडाउन में हरिशंकर परसाई

चंद्रशेखर कुशवाहा शोध छात्र हिंदी विभाग इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज साधो, मैं हरिशंकर परसाई। मृत्यु के बाद मुझे स्वर्ग मिला कि नरक, समझ में ही नहीं आया। ऐसा लग रहा है…

संस्कारों में तलाशें बेहतर भारत का भविष्य

डॉ. रंजना वर्मा ‘रैन’ गोरखपुर संस्कार पीढ़ी दर पीढ़ी तक स्थानांतरित होते रहते हैं यह हमें परिवार समाज और राष्ट्र से विरासत में मिलते हैं। आजकल 21वीं सदी के इस…

गुरु पूर्णिमा : नमन हैं ऐसे अनाम और बेजुबान गुरुओं को!

गौरव अवस्थी गुरु केवल वह नहीं जो किताबी ज्ञान दे. वह भी नहीं जो परिवर्तन संवर्धित कर दे. गुरु तो हर वह  जीव है जो कोई गुर दे दे या…