गौरव अवस्थी रायबरेली जीवन में जो उम्र कच्ची मानी जाती है, खेलों में वही रिटायरमेंट के लायक. आयु के ऐसे मानकों के कदम-दर-कदम विरोध का आभास कराने वाली लड़की सुधा…
लोकेन्द्र सिंह भारत में लेखकों, साहित्यकारों एवं इतिहासकारों का एक ऐसा वर्ग रहा है, जिसने समाज को ‘भारत बोध’ से दूर ले जाने का प्रयास किया। उन्होंने पश्चिम की दृष्टि…
विभिन्न क्षेत्रों में सत्ताधारी बने हुए अवाँछनीय व्यक्तियों को पदच्युत करने की बात ठीक है। जिनने अपने उपलब्ध साधनों का दुरुपयोग किया वे इसी लायक हैं कि उनकी कलंक कालिमा…
चन्द्रशेखर कुशवाहा हिन्दी विभाग इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रयागराज हमारी दोस्ती ऊफान पर थी। हममें न जाति पाति का कोई भेद था। न साम्प्रदायिकता की कोई रेखा थी। बेतकल्लुफ इतने कि सभ्यता…
वसुन्धरा पाण्डेय यह पुस्तक एक सच्चे, सुलझे व आज्ञाकारी पुत्र द्वारा हीरो, पक्के दोस्त… प्रेरणास्रोत पिता के लिए लिखा गया एक दस्तावेज़ है, रयाल जी ने इसे रचकर यह साबित…
गौरव अवस्थी रायबरेली सरस्वती के साधक आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के समकालीन पंडित माधवराव सप्रे जी का जन्म 19 जून 1871 को मध्य प्रदेश के दमोह जिले के पथरिया गांव…
महर्षि पुलह के आग्रह से देवर्षि भी उत्साहित हुए और कहने लगे कि ‘‘शुकदेव तो गोलोक की अधिष्ठातृशक्ति पराम्बा भगवती श्रीराधा के लीला शुक थे। इसे प्रभु की आह्लादिनी शक्ति…