अथ जंगल कथा

 कुमार मंगलम कुमार मंगलम की प्रारंभिक शिक्षा बिहार में गाँव से हुई l फिर उन्होंने स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई काशी हिंदू विश्वविद्यालय से की l कुँवर नारायण के काव्य में दार्शनिक…

उम्मीद में चलना कि सुबह होगी…

कुमार मंगलम कुमार मंगलम की प्रारंभिक शिक्षा बिहार में गाँव से हुई l फिर उन्होंने स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई काशी हिंदू विश्वविद्यालय से की l कुँवर नारायण के काव्य में दार्शनिक…

कर्मनाशा

कुमार मंगलम कुमार मंगलम की प्रारंभिक शिक्षा बिहार में गाँव से हुई l फिर उन्होंने स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई काशी हिंदू विश्वविद्यालय से की l कुँवर नारायण के काव्य में दार्शनिक…

नदी हो तुम सुवरा

कुमार मंगलम कुमार मंगलम की प्रारंभिक शिक्षा बिहार में गाँव से हुई l फिर उन्होंने स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई काशी हिंदू विश्वविद्यालय से की l कुँवर नारायण के काव्य में दार्शनिक…

क्या इतना भर प्रेम है…?

प्रतिभा श्रीवास्तव आजमगढ़, उत्तर प्रदेश                                                   …

श्रमिक हूं मैं

तमाम अभिजात्य पहचान का मूल स्वयं स्वाधीन अस्मिता को तड़पता, ‘लघु’ और ‘महामानव’ की वीथियों में उलझता भाव शून्य हो सिसकता कौन हूँ मैं? उलझी बौद्धिक  परिभाषाओं प्रमेयों, शाब्दिक जाल…

शत्रु से संवाद–(कविता)

शत्रु से संवाद ————————————              1. तुम्हारे प्रति मेरा सम्मान बुनता है तुम्हारे दर्प के ताने बाने तुम बड़प्पन के भाव में सगर्व बह जाते…

“अहं ब्रह्मास्मि” मैं लिखना चाहता हूँ -(कविता)

“अहं ब्रह्मास्मि” मैं लिखना चाहता हूँ शाम के समय भटक चुके पंछी की यात्रा अनवरत वापस नीड़ तक पहुंचने तक, उलझने, आत्मविश्वास, ईर्ष्या, लोभ, निराशा, जय  और सबसे ज़्यादा असफ़लता,…

“भोग और स्वतन्त्रता” मेरी कल्पना में विचरती है एक पूर्ण निर्वस्त्र स्त्री-(कविता)

“भोग और स्वतन्त्रता” मेरी कल्पना में विचरती है एक पूर्ण निर्वस्त्र स्त्री अपनी पूरी ठसक के साथ  अपने रास्ते नापती है दूसरे किनारे पर रहते हैं ढेर सारे पुरुष ……

क्षुधा, भोजन, संतुष्टि…… चक्की के दो पाट हम दोनों (कविता)

क्षुधा, भोजन, संतुष्टि…… चक्की के दो पाट हम दोनों पीसने में जीवन के अनंत दिवस बिरवे घिसती हूँ प्रतिक्षण मैं तुम भी बीतते हो हर पल, पोसने में ढेर सारे…