सीएम यादव ने कैंसल की सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां, जानें क्यों उठाया ये कदम

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश में अति वर्षा और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, स्थितियां सामान्य हो जाने तक अधिकारियों कर्मचारियों को छुट्टी पर नहीं जाने के निर्देश दिए हैं। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि वर्षा का चक्र बदलने के कारण सितंबर माह में जितनी वर्ष होनी चाहिए उससे अधिक हो रही है। अति वर्षा के बावजूद भी जनजीवन सामान्य रहे, इसलिए समय रहते आवश्यक सावधानियां बरतते  हुए बचाव के कार्य किए जाने चाहिए।

निचली बस्तियों में रहने वालों को सतर्क करें- सीएम

सीएम मोहन यादव ने निर्देश दिया है कि निचली बस्तियों में रहने वालों को समय रहते सतर्क किया जाए और आवश्यकता अनुसार उन्हें राहत कैंपों में शिफ्ट किया जाए। जिन रपटों और पुलों पर पानी है वहां तत्काल आवश्यक सावधानी व सतर्कता बढ़ाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अति वर्षा के प्रभाव से हुई जनहानि और पशु हानि की स्थिति में राहत उपलब्ध कराई जाएगी।

चार-चार लाख रुपए की सहायता देने का निर्देश

सीएम मोहन यादव ने सभी कलेक्टरों  जनहानि की स्थिति में चार-चार लाख रुपए की सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा कर कलेक्टरों को तत्काल राशि परिजन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि जहां पर भी बाढ़ के पानी में लोग फंसे हैं उन्हें हेलीकॉप्टर की सहायता से एयरलिफ्ट करने की तत्काल व्यवस्था की जाए। उन्होंने पुराने जीर्ण क्षीर्ण भवनों को चिन्हित कर सुरक्षात्मक व्यवस्था करने और आवश्यकता होने पर निवासियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने को भी कहा है।

सीएम ने आपात बैठक बुलाई

गुरुवार को सुबह मुख्यमंत्री डॉ मोहन मोहन यादव ने प्रदेश में अति वर्षा से निर्मित स्थिति और बचाव के लिए जारी कार्यों की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाई थी। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग  के माध्यम से जिलों की स्थिति की समीक्षा की। इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समस्त संभागीय आयुक्त, आईजी, पुलिस कमिश्नर, जिला कलेक्टर, एसपी जुड़े और डीजीपी/ डी जी होम गार्ड/ अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव, जल संसाधन, गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, राजस्व, लोक स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जनसंपर्क के अधिकारी उपस्थित रहे।

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