- एक ही व्यक्ति ने दाखिल की 150 से ज्यादा आपत्तियांः गोदियाल
- मुख्य निर्वाचन अधिकारी से की शिकायत
- कहा, बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 के दुरुपयोग की आशंका
- मतदाता सूची से नाम हटाने से पहले हो अनिवार्य स्थलीय सत्यापन
देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने एक बार फिर निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में फॉर्म-7 के जरिए बड़े पैमाने पर आपत्तियां दर्ज किए जाने, एक ही व्यक्ति की और से 150 से अधिक आपत्तियां दाखिल किए जाने तथा अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में एक ही आपत्तिकर्ता की और से आवेदन करने के मामलों की जांच की मांग की गई।
गोदियाल ने कहा कि फॉर्म-10 में उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से कई गंभीर और असामान्य तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की और से 30 जुलाई, 6 अगस्त और 10 अगस्त को लगातार शिकायत किए जाने के बावजूद एक ही प्रकार की आपत्तियां बड़ी संख्या में ऑनलाइन दाखिल किए जाने का सिलसिला जारी है।
आज एसआईआर प्रक्रिया में आमजन को हो रही असुविधाओं, मतदाता सूची में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों की रक्षा को लेकर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड से मुलाकात की। इस दौरान प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के लिए आयोग के समक्ष महत्वपूर्ण… pic.twitter.com/JkvCbDjFzG
— Ganesh Godiyal (@UKGaneshGodiyal) August 12, 2026
कांग्रेस के बीएलए-2 स्तर के कार्यकर्ताओं ने भी इस संबंध में शिकायतें दर्ज कराई हैं। गोदियाल के मुताबिक, सत्यापन के दौरान ऐसे कई मतदाता अपने घोषित पते पर निवास करते हुए पाए गए हैं, जिनके खिलाफ फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्तियां दर्ज की गई थीं। इससे आपत्तियों की वास्तविकता और प्रामाणिकता पर सवाल खड़े होते हैं।
प्रतिनिधिमंडल में विधायक अनुपमा रावत, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह, एसआईआर समिति सदस्य एवं प्रदेश सचिव अमेन्द्र सिंह बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता एवं चार्जशीट कमेटी सदस्य डॉ. प्रतिमा सिंह, एडवोकेट संदीप चमोली, राकेश नेगी, विनोद कुमार, सुरभि शाह, डिंपल व नितिन बिष्ट आदि मौजूद रहे।
ऑनलाइन आपत्ति के आधार पर न हटे किसी मतदाता का नाम
कांग्रेस ने फॉर्म-10 के आंकड़ों और आपत्तिकर्ताओं की सूची के आधार पर दावा किया है कि कुछ लोगों ने 150 से अधिक आपत्तियां दाखिल की हैं। वहीं कई आपत्तिकर्ताओं ने अलग-अलग बूथों और विधानसभा क्षेत्रों में 50 से 150 तक फॉर्म-7 दाखिल किए हैं। कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि असामान्य संख्या में फॉर्म-7 दाखिल करने वाले आपत्तिकर्ताओं की तत्काल विस्तृत जांच कराई जाए। किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम केवल ऑनलाइन फॉर्म-7 के आधार पर मतदाता सूची से नहीं हटाया जाए। नाम हटाने से पहले संबंधित बीएलओ द्वारा अनिवार्य रूप से स्थलीय सत्यापन कराया जाए और नियमानुसार रिपोर्ट तैयार की जाए।
झूठी आपत्तियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि निर्वाचक नामावली से संबंधित गलत घोषणा और झूठी जानकारी के मामलों में कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यदि किसी व्यक्ति की और से जानबूझकर झूठी, दुर्भावनापूर्ण अथवा वास्तविकता से परे आपत्तियां दाखिल की गई हैं तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
