नए आपराधिक कानून के तहत उत्तराखंड में पहला केस दर्ज

देहरादून: उत्तराखंड में नए आपराधिक कानून के तहत हरिद्वार के ज्वालापुर कोतवाली में पहला केस दर्ज हुआ है। वहीं, चमोली में पहली गिरफ्तारी हुई है। उत्तराखंड में सोमवार देर शाम तक पहले दिन तीन केस दर्ज हुए हैं। इनमें देहरादून और चमोली में एक-एक केस भी शामिल है।

हरिद्वार के ज्वालापुर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4) के तहत मुकदमा किया गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मोहल्ला जाटान (बिजनौर) के विपुल भारद्वाज रात पौने दो बजे रविदास घाट पर बैठे थे।

इसी दौरान दो अज्ञात युवकों ने चाकू के बल पर विपुल से मोबाइल फोन और 1400 रुपये लूट लिए और उसे गंगा नदी की तरफ धक्का देकर फरार हो गए। सोमवार सुबह 10:41 बजे कोतवाली पहुंच विपुल ने यह मुकदमा दर्ज किया।

पुराने कानून के तहत यह मुकदमा धारा 392 के तहत दर्ज होता जबकि नए कानून के तहत पुलिस ने धारा 309(4) में इसे दर्ज किया। पहले इस मामले में 10 साल की अधिकतम सजा का प्रावधान था, लेकिन नए कानून में 14 साल सजा का प्रावधान है।

चमोली के थराली में पहली गिरफ्तारी
चमोली के थराली में बीएनएसएस के तहत सोमवार को दो भाइयों को गिरफ्तार किया गया। दोनों पर एक युवक के साथ मारपीट व गाली-गलौज करने का आरोप है। देवाल निवासी मनोज बिष्ट ने तहरीर दी कि कमल कुमार पुत्र देवेश कुमार निवासी ग्राम सैदखेड़ी कोतवाली नगीना और उसके भाई गौरव कुमार ने उसके साथ गाली-गलौज कर मारपीट की। पुलिस ने दोपहर बाद दोनों को बीएनएसएस की धारा126/135(3)/170 के तहत गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। गिरफ्तार दोनों भाई देवाल में सैलून चलाते हैं। 000

कुमाऊं में कोई मुकदमा नहीं हुआ दर्ज
कुमाऊं के किसी जिले में अभी तक नए कानून के तहत कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। सिर्फ पिथौरागढ़ कोतवाली में 170 बीएनएसएस के तहत एक चालानी कार्रवाई की गई है। पति-पत्नी के बीच मामूली विवाद पर यह कार्रवाई की गई है। पुराने कानून के अनुसार ही धारा 151 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। इसमें आरोपी को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर चालानी कार्रवाई की जाती है।

 

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