उत्तराखंड में बदलेगा इतिहास, BJP फिर बना सकती है सरकार

देहरादून l उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के असल नतीजे 10 मार्च को आने हैं लेकिन उससे पहले एग्जिट पोल के अनुमान आ गए हैं. आजतक एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के अनुमान यदि असल नतीजों में बदलते हैं तो इस दफे सूबे का चुनावी इतिहास बदल जाएगा. आजतक एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में अनुमान जताया गया है कि उत्तराखंड की सत्ता में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) फिर से पूर्ण बहुमत के साथ वापसी कर सकती है.

आजतक एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक सत्ताधारी बीजेपी को 44 फीसदी वोट शेयर के साथ 36 से 46 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. वहीं, विपक्षी कांग्रेस को 40 फीसदी वोट शेयर के साथ 20 से 30, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को छह फीसदी वोट शेयर के साथ दो से चार सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है.

आम आदमी पार्टी (एएपी) को तीन और अन्य को सात फीसदी वोट मिलने के अनुमान जताए गए हैं. बीजेपी को 2017 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले तीन फीसदी वोट शेयर का नुकसान होता नजर आ रहा है जबकि कांग्रेस के वोट शेयर में नौ फीसदी इजाफा होने का अनुमान आजतक एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में जताया गया है.

गढ़वाल के मैदानी इलाके में कड़ा मुकाबला

आजतक एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल नतीजों पर गौर करें तो गढ़वाल के मैदानी इलाकों में कड़ा मुकाबला नजर आ रहा है. गढ़वाल के मैदानी इलाकों में बीजेपी को नौ, कांग्रेस को आठ, बसपा को दो और अन्य को एक सीट मिलने का अनुमान जताया गया है. गढ़वाल के पर्वतीय इलाके में बीजेपी को 13 और कांग्रेस को सात, कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्र में बीजेपी को नौ और कांग्रेस को छह, कुमाऊं के मैदानी इलाकों में बीजेपी को नौ और कांग्रेस को चार सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है.

कुमाऊं के मैदानी इलाकों में बीजेपी को सबसे ज्यादा वोट

आजतक एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में ये अनुमान जताया गया है कि कुमाऊं के मैदानी इलाकों में बीजेपी को सबसे ज्यादा 49 फीसदी वोट मिल रहे हैं. बीजेपी को कुमाऊं के पर्वतीय इलाकों में 45, गढ़वाल के पर्वतीय इलाकों में 45 और गढ़वाल के मैदानी इलाकों में 41 फीसदी वोट मिलने के अनुमान जताए गए हैं.

कांग्रेस का सबसे बेहतर प्रदर्शन कुमाऊं के पर्वतीय इलाके में आता नजर आ रहा है. आजतक एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के नतीजे असल नतीजों में तब्दील हुए तो कुमाऊं के पर्वतीय इलाकों में कांग्रेस को 42, कुमाऊं के मैदानी इलाकों में 38, गढ़वाल के मैदानी इलाकों में 39 और गढ़वाल के पर्वतीय इलाकों में 40 फीसदी वोट शेयर मिल सकते हैं.

हर बार बदलती रही है सरकार

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के इतिहास पर नजर डालें तो राज्य गठन के बाद से अब तक, हर चुनाव में सरकार बदलती रही है. उत्तराखंड चुनाव का ये ट्रेंड रहा है कि एक दफे बीजेपी तो दूसरी दफे कांग्रेस को सरकार चलाने का जनादेश मिलता रहा है. ऐसे में अगर आजतक एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के नतीजे असल चुनाव नतीजों में तब्दील होते हैं तो सूबे का ये ट्रेंड टूट जाएगा.

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