वन विभाग के अधिकारियों, कर्मियों की 15 फरवरी से 30 जून तक छुट्टियां निरस्त

देहरादून। हल्द्वानी में वन विभाग ने सभी अधिकारियों व कर्मियों की 15 फरवरी से 30 जून की छुट्टियां निरस्त कर दी है। प्रमुख वन संरक्षक धनंजय मोहन ने 15 फरवरी से 30 जून तक मनाए जाने वाले फायर सीजन के तहत यह आदेश जारी किया है। आगामी गर्मी आते ही उत्तराखंड के जंगल सुलगने लगते है,जिसके चलते हर साल प्रदेश की वन संपदा घटती जा रही है।

वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2023 से मार्च 2024 के बीच उत्तराखंड में 32 हेक्टेयर जंगल जल गए थे। गत वर्ष की वनाग्नि से उत्तराखंड वन विभाग की तैयारियों पर उठे सवालों के चलते इस बार वन विभाग पूर्व से ही तैयारियां कर रहा है। जिसके चलते हल्द्वानी वन विभाग के अधिकारियों व कर्मियो की 15 फरवरी से 30 जून तक की सभी छुट्टियां निरस्त की गई है। चूंकि 15 फरवरी से 30 जून तक वन विभाग फायर सीजन मनाता है।

ऐसे में इस काल के दौरान वनों में आगे लगाने के खिलाफ वन विभाग अतिरिक्त सतर्कता बरतनी है। प्रमुख वन संरक्षक ने 6 बिंदुओं का आदेश पत्र जारी किया है जिसमे प्रमुख वन संरक्षक ने विशेष परिस्थिति को छोड़ सभी की छुट्टियां 15 फरवरी से 30 जून निरस्त रखने, अधिकारियो के मुख्यालय में रहकर वनाग्नि की घटनाओं को नियंत्रित करने और प्रबंधन के लिए जरूरी कार्यवाही करने|

फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया से मिलने वाले फारेस्ट अलर्ट पर मौके पर जाकर कार्यवाही करने,पुलिस,राजस्व विभाग, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सभी से संपर्क कर 31 मार्च से खेत खलिहान में ही आग जलाने की अनुमति देने, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्रू स्टेशन में उपकरण उपलब्ध करवाने और जानबूझकर वनों में आग लगाने वाले शरारती तत्वों पर कार्यवाही के आदेश दिए है।वहीं उत्तराखंड में हर साल बढ़ती वनाग्नि की घटनाओ के खिलाफ इस बार वन विभाग एडवांस तैयारियों में जुट गया है।

उत्तराखंड वन विभाग द्वारा इस बार वनाग्नि की सूचनाओं पर जल्द से जल्द रिस्पांस करने को फ़ॉरेस्ट फ़ायर उत्तराखंड मोबाइल ऐप लांच किया है,जिसका विभागीय कर्मचारियों व अधिकारियों ने इस्तेमाल शुरू कर दिया है। यह अभी एडवांस टेस्टिंग स्टेज पर है।

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