उत्तराखण्ड : हर गली-चौक पर अब नजर, पुलिस सुन सकेगी खुसुर-फुसुर

हल्द्वानी। शहर की हर गली अब पुलिस की निगहबानी में होगी। न सिर्फ गलियों पर पुलिस की नजर होगी, बल्कि हर किसी की खुसुर-फुसुर भी पुलिस को सुनाई देगी। पुलिस 200 ऐसे सीसीटीवी लगाने जा रही है। आईपी बेस्ड सीसीटीवी के चलते निगाह रखने के साथ अब पुलिस राह चलने वालों की बातें भी सुन सकेगी। ये व्यवस्था न सिर्फ अपराध और अपराधियों पर नकेल कसेगी, बल्कि आमजन को भी अब आम जन को भी सोझ-समझ कर चलना होगा।

शहर में लगने वाले 200 सीसीटीवी को लगाने के लिए 132 स्थानों का चयन किया गया है। सीसीटीवी के लिए पुलिस, नगर निगम की मदद से 40 लाख रुपए खर्च कर रही है। इन सीसीटीवी को ऐसे स्थान पर लगाया जा रहा है, जहां से कोई भी व्यक्ति पुलिस की नजर से बच नहीं पाएगा। 132 स्थानों में से एक स्थान भीमताल तिराहा है। इस रास्ते का इस्तेमाल हर वो व्यक्ति करता है, जिन्हें नैनीताल, भीमताल या पहाड़ के अन्य जिलों की ओर जाना होता है, फिर वो पहाड़ की ओर जाने वाला हो या फिर पहाड़ की ओर से हल्द्वानी से बाहर जाने वाला। ये सीसीटीवी सौ मीटर दूर से पहचान करने में सक्षम है।

बता दें कि शहर में 56 सीसीटीवी पहले से ही लगे हुए हैं और ये पुलिस के लिए कारगर साबित हो रहे हैं। इन सीसीटीवी को अभी पुलिस बहुउद्देशीय भवन में बने कंट्रोल रूम से कंट्रोल या निगरानी की जाती है। जब शहर में 200 सीसीटीवी लगेंगे तो इस कंट्रोल रूम को भी बड़ा बनाना होगा और पुलिस ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। अनुमान है कि कंट्रोल रूम को वृहद बनाने के लिए करीब 60 लाख रुपये की जरूरत होगी और पुलिस ने इसके लिए प्रपोजल भेज दिया है। इन रुपयों से पुलिस बहुउद्देशीय भवन में एक बड़ी डिजिटल वॉल तैयार की जाएगी और इसी डिजिटल वॉल से शहर पर नजर रखी जाएगी।

सीसीटीवी के 132 स्थानों में से ये हैं कुछ प्रमुख स्थान
हल्द्वानी। पुलिस शहर के जिन प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी लगाने जा रही हैं उनमें से एक भीमताल तिराहा है, जहां दो सीसीटीवी लगाए जाएंगे। इसके अलावा टांडा बैरियर पर पांच, पंचायतघर में तीन, तीनपनी तिराहे पर दो कैमरे लगाए जाने हैं। शहर की सीमा हल्दूचौड़ और लामाचौड़ में सीसीटीवी लगाए जाएंगे।

घोड़ासहन के खिलाफ मददगार बना सीसीटीवी
हल्द्वानी। बीती 9 सितंबर को नैनीताल रोड स्थित वन प्लस के शोरूम में बड़ी चोरी हुई। सीसीटीवी की मदद से पुलिस को यह पता लगा कि इस वारदात के पीछे घोड़ासन गैंग का हाथ है। केवल एक नहीं बल्कि पुलिस की गुडबुक में ऐसी तमा घटनाएं हैं, जिनके खुलासे में सीसीटीवी उपयोगी साबित हुआ।

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