कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन स्कीम तत्काल बहाल की जाय : माहरा

देहरादून। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) तत्काल बहाल किये जाने की मांग की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में करन माहरा ने कहा है कि विगत लम्बे समय से सरकारी कर्मचारी ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) बहाली की मांग करते आ रहे हैं व कर्मचारियों की मांग पर देश के कुछ राज्यों जिनमें राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पंजाब शामिल हैं, के द्वारा ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल भी किया गया है।

माहरा ने कहा कि देशभर में कृषि और अन्य घरेलू व निजी व्यावसायिक संसाधनों के बाद एक बड़ा वर्ग रोजी-रोटी के लिए सरकारी नौकरियों पर निर्भर है। सेवानिवृत्ति के बाद अधिकतर कर्मचारी बेहतर जीवन यापन के दृष्टिगत पेंशन स्कीम के तहत अपनी जमा धनराशि एकमुश्त की बजाय मासिक पेंशन के रूप में लेना पसंद करते हैं। पुरानी पेंशन योजना के तहत कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाले मूल वेतन का 50 प्रतिशत देय होता था व मूल वेतन का आधा हिस्सा पेंशन के रूप में दिया जाता था।

यदि सरकार यूपीएस में बेसिक वेतन का 50 फ़ीसदी दे सकते हैं तो ओपीएस में 50 फ़ीसदी क्यों नहीं दे सकती है? यह भी विचारणीय है कि यूपीएस योजना के तहत सरकार की और से अपने अंशदान में 18.5 फ़ीसदी की बढोत्तरी प्रावधान किया गया है जिसके तहत 25 साल की नौकरी करने वालो को तो 50 फ़ीसदी यानी पुरानी पेंशन के बराबर पेंशन दी जाएगी, मगर जिन कर्मचारियों की नौकरी कम होगी उन्हें मात्र दस हज़ार और डीआर ही दिया जायेगा जबकि उनका 10 फ़ीसदी अंशदान सरकार के पास रहेगा तथा उन्हें केवल अंतिम 6 महीने की ही सैलरी वापस की जायेगी, जो कि न्याय संगत प्रतीत नहीं होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *