लॉक डाउन की भूख…और हमारा सिस्टम-(कविता)

घटना/प्रकरण : मध्य प्रदेश के सीधी में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के घर से एक चोर पाँच रोटी चोरी करके ले गया…यह घटना पुलिसकर्मियों की नहीं है, समाज और सरकार की…जांच का विषय है …बताया जा रहा है कि उस भूखे व्यक्ति को पकड़ा गया और चोर सिद्ध कर दिया गया…

(ये सच अपने एक दोस्त की वाल से पढ़ा … )
और ,
कुछ पक्तियां जेहन में उतरती चली गईं …
उफ़्फ़फ़
कोई बताए तो
और ,
कित्ती और ज्यादत्तियाँ बची है
समाज और सरकार के ठेकेदारों की
इन भूख से अधमरे लोगो पर

त्राहिमाम … त्राहिमाम
सुनो , साहब …
एक अर्जी है
एक साथ अदा करवा दो
सदियों की ज्यात्तियाँ

मार कर,
काट कर,
या जहर देकर
किसी भी तरीक़े से
ग़रीब है और भूखे भी
सब बर्दाश्त कर लेंगे साहब…
औऱ फ़िर
जीने दो इन गरीबों को
इनकी ख़ुद की ली हुई साँसों
और
पेट भर अपने निवालों के साथ …
जिन पर
मात्र इनका ख़ुद का अधिकार है
फ़िर कोई भी, कैसा भी
महाप्रलय,
आने के बाद तलक…
मीलॉर्ड
गुज़ारिश है
इस सदी के
कुछ मुट्ठी भर
इंसानों की …!

प्रज्ञा शालिनी
भोपाल, मध्य प्रदेश

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