बिजली उत्पादन बढ़ाने को हिमाचल की तर्ज पर काम करेगा उत्तराखंड, पॉलिसी में होगा बदलाव

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में जल विद्युत उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश की नवीनतम पनबिजली नीति के अनुसार मंगलवार को इस संबंध में अपनी नीति में संशोधन करने का फैसला किया. राज्य मंत्रिमंडल के अनुसार, सचिवालय सेवा नियमों में संशोधन के माध्यम से सचिवालय में सुरक्षा गार्ड के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता को हाई स्कूल से बढाकर इंटरमीडिएट करने का भी निर्णय लिया गया. पद पर सीधी भर्ती और पदोन्नति के अनुपात को संशोधित कर 60:40 से 90:10 करने का भी फैसला लिया गया. पद पर भर्ती के लिए आयु सीमा भी 18-35 वर्ष से बदलकर 18-30 वर्ष की जाएगी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया.

राज्य के 20 आईटीआई बनेंगे मॉडल

मंत्रिमंडल ने इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, रुड़की का नाम बदलकर कोर विश्वविद्यालय करने और 20 आईटीआई को मॉडल आईटीआई में उन्नत करने का भी फैसला किया. मंत्रिमंडल ने निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड निवेश और ढांचागत विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) बनाने का भी फैसला किया. मंत्रिमंडल ने ई-कचरा निस्तारण के लिए ई-कचरा नीति बनाने को भी मंजूरी दी.

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