क्या है P2 G2 का वह मंत्र जो पीएम मोदी ने अपने कार्यकर्ताओं को हैदराबाद में दिया

हैदराबाद : बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे और अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी नेताओं से कहा कि अब संघर्ष यात्रा की बजाय स्नेह यात्रा निकालें। उन्होंने परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति पर भी निशाना साधा। पीएम ने हैदराबाद को भाग्यनगर कहा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी पहले हैदराबाद को भाग्यनगर कह चुका है। सबसे पहले हैदराबाद म्युनिसिपल इलेक्शन में चुनाव प्रचार के दौरान यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और फिर गृहमंत्री अमित शाह ने हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर करने का जिक्र किया था।

स्नेह यात्रा करें और स्नेह मिलन करें- मोदी
प्रधानमंत्री ने बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कहा कि हम रैलियां निकालते हैं, संघर्ष यात्रा निकालते हैं लेकिन अब हम सत्ता में हैं। लोगों को हमसे स्नेह की उम्मीद है तो हम स्नेह यात्रा करें, स्नेह मिलन करें। मोदी ने कहा कि हम हमेशा विपक्ष में रहे थे तो संघर्ष करना हमारी प्रवृति में रहा और हम संघर्ष यात्रा निकालते रहे। लोगों ने हम पर विश्वास किया था जो हमने पूरा किया इसलिए लोगों को हमसे ज्यादा अपेक्षाएं हैं।

पीएम मोदी ने किन 7 चीजों का किया जिक्र
पीएम ने कहा कि 2014 से पहले करोड़ों के भ्रष्टाचार होते थे लेकिन हमने लोगों के लिए काम किया है इसलिए लोगों को हमसे उम्मीद है। हमें और ज्यादा मंथन करके आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि हमें लोगों को बताना चाहिए कि हमने भ्रष्टाचार खत्म किया है। ये हमेशा ध्यान में रहना चाहिए कि हमें लोगों के बीच क्या लेकर जाना है। जिन लोगों को मंदिर से लेना देना नहीं था वे पूछते थे कि मंदिर नहीं बना रहे और हम उनकी बातों में लग जाया करते थे। हम उनकी बात ही ना करें बल्कि लोगों को बताएं कि हमने किस तरह विकास किया है। पीएम ने कहा कि हमें सात चीजें ध्यान रखनी हैं – सेवा, संतुलन, संयम, समन्वय, सकारात्मक, संवेदना और संवाद। सभी कार्यकर्ताओं के साथ यह रखना है और आगे बढ़ना है।

हैदराबाद को कहा भाग्यनगर
पीएम मोदी ने बीजेपी नेताओं को बताया कि हमारी लोगों के प्रति क्या जिम्मेदारी है। उन्होंने हैदराबाद को भाग्यनगर कहा और कहा कि सरदार पटेल ने एक भारत की आधारशिला रखी अब बीजेपी की जिम्मेदारी श्रेष्ठ भारत बनाने की है। मोदी ने कहा कि राजनीति दल जिन्होंने भारत में कई साल शासन किया आज अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं। उनका पतन हमारे लिए मजाक या खुशी की बात नहीं होना चाहिए। उनसे हमें सबक मिला है कि हमें वैसी गलती नहीं करनी चाहिए जो उन्होंने की। हमारी अप्रोच पी2 जी2 यानी प्रो पीपल प्रो गुड गवर्नेंस की होनी चाहिए। हमारे विचार तुष्टीकरण की बजाय तृप्तिकरण के लिए होने चाहिए।

देश परिवारवाद की राजनीति से त्रस्त आ गया है
उन्होंने कहा कि देश परिवारवाद की राजनीति और ऐसी राजनीतिक पार्टियों से त्रस्त आ गया है। परिवारवादी पार्टियों के लिए लंबे वक्त तक अपने अस्तित्व को बचाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि जेंडर जस्टिस हमारे फोकस में हमेशा रहना चाहिए। पहली बार एक योग्य महिला राष्ट्रपति बनने वाली है। बाजपेयी जी के कार्यकाल में एपीजे अब्दुल कलाम राष्ट्रपति बने अब आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनने वाली है।

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