ये संसार अब बच्चों व जानवरों जैसी निरीह चेतना वाले लोगों के लिए रहने लायक नहीं रहा, यहां केवल वही रह सकता है जिसकी चेतना चिकने घड़े से आच्छादित हो!…
आनंद अकेला एवं उमा शंकर तिवारी सीधी। कुं. अर्जुन सिंह सर्वहारा कल्याण मंच की तरफ से यादे अर्जुन सिंह द्वितीय सोपान कार्यक्रम में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश…