सातवें चरण के चुनाव में 50 धनबली तो 30 बाहुबली आमने-सामने, जानिए

नई दिल्ली। सातवें व अंतिम चरण में बिहार में आठ सीट पर चुनावी दंगल लड़ रहे 134 उम्मीदवारों में 50 से ज्यादा धनबल और 30 बाहुबली का माद्दा रखने वाले हैं। इनमें अव्वल पटना साहिब से भाजपा के प्रत्याशी व पूर्व मंत्री रविशंकर प्रसाद हैं। इन्होंने 40 करोड़ 60 लाख रुपए से ज्यादा की संपत्ति अपने हलफनामे में बताई है। इतना ही नहीं भाजपा, राजद, कांग्रेस, जद (एकी), रालोमो के सभी उम्मीदवार करोड़पति है।

इसके साथ ही बसपा के आठ प्रत्याशियों में सात धनबल के धनी है और 42 निर्दलीय प्रत्याशी में से 16 भी पैसों के धनी है। एडीआर की रिपोर्ट भी बताती है कि ऐसे उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति ढाई करोड़ रुपए आंकी गई है। पटना साहिब से बसपा उम्मीदवार की हैसियत से चुनावी जंग में उतरे नीरज कुमार धनबल में दूसरे स्थान पर हैं।

इन्होंने अपने दायर हलफनामे में 23 करोड़ 61 लाख रुपए की जायदाद दर्शायी है। वहीं, काराकाट संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार की हैसियत से चुनावी दंगल लड़ रहे भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह धनबल में तीसरे स्थान पर हैं। इन्होंने अपनी संपत्ति 16 करोड़ 75 लाख रुपए बताई है। भाजपा से सासाराम से उम्मीदवार शिवेश कुमार ने 14 करोड़ रुपए से ज्यादा और जहानाबाद से निवर्तमान सांसद जद(एकी) प्रत्याशी चन्द्रेश्वर प्रसाद 14 करोड़ रुपए से ज्यादा है।

वहीं, सबसे ज्यादा देनदारी 46 करोड़ रुपए बक्सर सीट से बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे ददन यादव दर्शायी है। बक्सर से ही राजद उम्मीदवार सुधाकर सिंह ने पांच करोड़ रुपए की देनदारी दिखाई है। सुधाकर बिहार प्रदेश राजद के अध्यक्ष जगतानंद सिंह के बेटे हैं और वे बिहार के पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं। देनदारी में तीसरे स्थान पर काराकाट से उम्मीदवार प्रदीप जोशी आते हैं। इनकी देनदारी एक करोड़ रुपए के आसपास है।

जिन आठ सीटों पर अंतिम चरण एक जून को मतदान होना है वे हैं नालंदा, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम (सुरक्षित), काराकाट और जहानाबाद। ऐसा नहीं कि इन सीटों पर उम्मीदवार केवल धनपति ही है, कुछ आपराधिक छवि वाले भी है। काराकाट संसदीय सीट से चुनावी जंग लड़ रहे राष्ट्रीय सेवा दल के प्रदीप कुमार जोशी पर हत्या के मुकदमे के साथ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं बक्सर से बसपा उम्मीदवार अनिल कुमार और नालंदा से निर्दलीय चुनाव लड़ रही संयुक्ता कुमारी क्रम से दूसरे और तीसरे स्थान पर है।

बड़े दलों के उम्मीदवार दागी

अंतिम दौर में बिहार में बाहुबलियों की भी कमी नहीं है। 134 उम्मीदवारों में से 30 पर अपराध के मामले दर्ज हैं। इनमें से 26 गंभीर अपराध के आरोपी हैं। दस उम्मीदवार हत्या का प्रयास और चार पर महिला प्रताड़ना के आरोपी है। भाजपा के पांच में दो, बसपा के आठ में दो, राजद में तीन में तीन, भाकपा माले के तीन में एक, कांग्रेस के दो में एक, रालोमो के एक में एक उम्मीदवार पर गंभीर अपराध के आरोपी हैं।

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